IAS Transfer
छत्तीसगढ़ में IAS ट्रांसफर 2026: प्रशासनिक सर्जरी के तहत बड़े बदलाव
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बुधवार शाम प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल करते हुए 42 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग बदलने के साथ-साथ 7 महत्वपूर्ण जिलों के कलेक्टरों की नियुक्ति भी की गई है। यह बदलाव राज्य प्रशासन में दक्षता और योजनाओं के तेज क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर बड़े बदलाव
- ऋचा शर्मा (1994): ACS, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग → ACS, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग। साथ ही विकास आयुक्त और ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत संस्थान के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार।
- मनोज कुमार पिंगुआ (1994): ACS, गृह एवं जेल विभाग → ACS, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग।
- सुबोध कुमार सिंह (1997): ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अध्यक्ष।
- निहारिका बारिक (1997): प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास → प्रमुख सचिव, गृह एवं जेल विभाग।
7 जिलों के नए कलेक्टर:
- कोरिया: चंदन संजय त्रिपाठी (2016)
- बलरामपुर-रामानुजगंज: चंदन संजय त्रिपाठी
- सूरजपुर: रेना जमील (2019)
- बीजापुर: विश्वदीप (2019)
- सारंगढ़-बिलाईगढ़: पद्मिनी भोई साहू (2016)
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: डॉ. संतोष कुमार देवांगन (2013)
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: संतान देवी जांगड़े (2016)
अन्य महत्वपूर्ण विभागीय नियुक्तियां:
- अविनाश चंपावत (2003): सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग + सचिव, उच्च शिक्षा विभाग।
- शम्मी आबिदी (2007): सचिव, महिला एवं बाल विकास + सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और राहत एवं पुनर्वास।
- बसवराजू एस. (2007): सचिव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग।
- विश्वदीप (2019): रायपुर नगर निगम आयुक्त → बीजापुर कलेक्टर।
- संबित मिश्रा (2018): रायपुर नगर निगम के नए आयुक्त और स्मार्ट सिटी प्रबंध संचालक।
विकास और निगरानी पर जोर
- मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रभात मलिक (2015) को संयुक्त सचिव पद पर नियुक्त किया गया।
- कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर नई जिम्मेदारियां दी गईं।
- इन बदलावों का उद्देश्य राज्य शासन की योजनाओं को तेजी से क्रियान्वित करना और विकास व प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करना है।
मुख्य बातें बुलेट पॉइंट्स में:
- 42 IAS अधिकारियों का बड़ा तबादला।
- 7 जिलों के कलेक्टर बदले गए।
- प्रमुख सचिव और ACS स्तर पर बड़े विभागीय बदलाव।
- अतिरिक्त प्रभार सौंपकर दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाई गई।
- शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान।