क्या अंजीर एक ‘मांसाहारी’ फल है? क्या है इसके पीछे चल रही वायरल बहस की सच्चाई

सोशल मीडिया पर आए दिन किसी न किसी चीज को लेकर बहस होती रहती है। हाल के दिनों में अंजीर को लेकर बहस जारी है कि क्या है एक मांसाहारी फल है या फिर शाकाहारी। इस बहस के पीछे कई लोगों द्वारा किया गया दावा है कि यह शाकाहारी लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि यह एक कीट के जरिए बढ़ता है, जो कि बाद में इसी के अंदर मर जाता है।

अंजीर पश्चिम एशिया और भारत में लोकप्रिय है, इन क्षेत्रों में इसे सूखे मेवे के रूप में खाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह फल हैं लेकिन वास्तव में यह उल्टे फूल होते हैं, जिनकी पंखुड़ियां उनके अंदर छिपी हुई होती हैं। लेकिन हाल में चल रही बहस का सबसे बड़ा कारण अंजीर नाम का एक कीट है, जो कि अंजीर के फल के अंदर जाकर एक एंजाइम बनाता है, इसी वजह के कारण कई लोग इसे मांसाहारी फल का लेबल दे रहे हैं।

अंजीर मांसाहारी है या शाकाहारी यह बहस तब शुरू हुई जब भारतीय अभिनेत्री शेनाज ट्रेजरीवाला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए अंजीर को मांसाहारी बताया और उसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि जब अंजीर परागित हो रहा होता है तो उसके अंदर एक मादा अंजीर कीट प्रवेश कर जाता है। इस प्रक्रिया में वह कीट अपने पंख खो देती है और फल के अंदर ही फंस जाती है। वह उसी फल के अंदर अंडे देती है और मर जाती है। इसके बाद अंदर नए नर और मादा संभोग करते हैं, जिसमें नर की वहीं मौत हो जाती है और मादा अंजीर भाग जाती है।

शेनाज ने कहा कि आप अगर एक अंजीर खाते हैं तो यह मानकर चलिए कि उसके बनने में एक कीट की मौत हुई है तब जाकर उसका फल मिला है। यह एक ऐसा फैक्ट है जिसे लेकर शाकाहारी या वीगन लोगों को दिक्कत होती है।

इस मुद्दे को लेकर कई लोगों का मानना है कि इस प्रक्रिया में कीट अंजीर के अंदर किसी परजीवी के रूप में पड़ा रहता है लेकिन ऐसा नहीं है, फल के एंजाइम कीट के शरीर को पोषक तत्वों के रूप में बदल देते हैं।

इसके अलावा, सभी अंजीर कीट के साथ इस विधी से प्राकृतिक परागण विधि पर निर्भर नहीं होते हैं। कई किसानों ने अंजीर में सीधे पौधे के हार्मोन लगाकर अंजीर का परागण करवाया है।

इस दृष्टिकोण को अधिक शाकाहारी-अनुकूल विकल्प माना जा सकता है। हालाँकि, जैन और ब्राह्मण समुदाय के कई लोग अभी भी अंजीर से परहेज करते हैं क्योंकि उन्हें यह समझाना की सभी अंजीर कीट से परागित नहीं होते यह थोड़ा मुश्किल होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *