कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार द्वारा बेंगलुरू में किया गया बुलडोजर ऐक्शन उनके लिए गले की फांस बनता जा रहा है। पार्टी हाई कमान की आलोचना झेल रही सिद्धा सरकार पर अब विपक्षी पार्टी भी हमलावर हो गई है। दरअसल, भाजपा ने राज्य में हुए बेदखली के मामले में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल पर प्रशासन में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए रविवार को सवाल किया कि क्या वह राज्य के ‘‘सुपर सीएम’’ हैं।
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा कि कर्नाटक सम्मान, स्वायत्तता और ईमानदार शासन का हकदार है, न कि हाई कमान के ‘‘नाटक’’ का। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा, ‘‘कर्नाटक राहुल गांधी और उनकी मंडली की कॉलोनी नहीं है।’’
अशोक ने सवाल किया, ‘‘कर्नाटक के प्रशासन में दखल देने वाले केसी वेणुगोपाल कौन होते हैं? क्या वह कोई सुपर सीएम (मुख्यमंत्री) हैं, या क्या कांग्रेस आलाकमान मानता है कि चुनी हुई राज्य सरकारें दिल्ली के इशारों पर चलती हैं?’’ उन्होंने कहा कि कर्नाटक में संवैधानिक रूप से निर्वाचित मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल का शासन है, न कि एआईसीसी महासचिव का।
भाजपा नेता ने कहा कि किसी पार्टी की राय व्यक्त करना एक बात है, लेकिन राज्य सरकार पर नैतिक उपदेश देना और दबाव बनाने की रणनीति अपनाना ‘‘स्पष्ट रूप से अपनी सीमा से बाहर जाना’’ और संघवाद का अपमान है।
अशोक ने सवाल किया, ‘‘सबसे चिंताजनक बात तो दोहरी नीति है। क्या केसी वेणुगोपाल ने कभी उतनी ही तत्परता दिखाई है जब केरल से चिकित्सा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को अवैध रूप से कर्नाटक की सीमाओं पर फेंका गया था, जिससे बांदीपुर वन क्षेत्र, जन स्वास्थ्य और वन्यजीवों को खतरा पैदा हो रहा है? क्या उन्होंने कर्नाटक के पर्यावरण, किसानों या सीमावर्ती जिलों के लिए उसी चिंता और सहानुभूति के साथ आवाज उठाई है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘वहां चुप्पी साधे हुए हैं और यहां उपदेश दे रहे हैं।’’
क्या कहा था वेणुगोपाल ने?
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा अशोक कोगिलु गांव में अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए किए गए बुलडोजर ऐक्शन को लेकर विवाद बढ़ा हुआ है। केरल में आगामी चुनाव को देखते हुए वहां के मुख्यमंत्री पी विजयन ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा था। इसी का जवाब देते हुए वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने लिखा, “मैंने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से बात की है। एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) ने गंभीर चिंता व्यक्त की है कि इस तरह की कार्रवाई बहुत अधिक सावधानी, संवेदनशीलता और करुणा के साथ की जानी चाहिए थी, जिसमें मानवीय प्रभाव को केंद्र में रखा जाना चाहिए था।’’
वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘उन्होंने (मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने) आश्वासन दिया है कि वे प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करेंगे, शिकायतों के निवारण के लिए एक उचित तंत्र स्थापित करेंगे और प्रभावित लोगों के पुनर्वास और राहत सुनिश्चित करेंगे।’’
क्या है मामला?
कर्नाटक सरकार के मुताबिक इस क्षेत्र में लोग अवैध निर्माण बनाकर रह रहे थे। यह जमीन रहने के लिए सही नहीं है, यहां पर कचरे का निस्तारण किया जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। संबंधित परिवारों को कई बार पहले भी जगह खाली करने का नोटिस दिया जा चुका था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बाद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने मिलकर बुलडोजर ऐक्शन का फैसला लिया।