छत्तीसगढ़ में पद्मश्री फुलवासन बाई यादव का अपहरण विफल, दो महिलाएं समेत तीन गिरफ्तार

फुलवासन बाई यादव अपहरण

राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ में मंगलवार को एक सुरक्षा और सामाजिक चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई। पद्मश्री फुलवासन बाई यादव का अपहरण करने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस की सजगता से यह योजना पूरी तरह विफल रही। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने दो महिलाओं सहित तीन लोगों को हिरासत में ले लिया।

घटना का विवरण

  • घटना सुबह लगभग 10 बजे हुई।
  • बेमेतरा से आई खुशबू साहू नाम की महिला और उसके दो साथी फूलवासन को घर से बाहर बुलाकर कार में बैठा लिया।
  • जैसे ही कार में फूलवासन बैठी, उनके हाथ और मुंह को बांध दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और बचाव

  • खैरागढ़ मार्ग पर चिखली पुलिस चौकी पर रूटीन चेक के दौरान कार को रोका गया।
  • मुंह और हाथ बंधा देखकर पुलिस को संदेह हुआ।
  • आरोपित महिला ने मिर्गी का बहाना बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन टीम के एक सदस्य ने फूलवासन को पहचान लिया
  • फूलवासन को सुरक्षित पुलिस चौकी चिखली में रखा गया और संदेहियों को सुकुल दैहान पुलिस के हवाले किया गया।

संदेहियों का प्रोफाइल

  • गिरफ्तार महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई थी।
  • वह पिछले चार-पांच महीनों से फूलवासन के संपर्क में थी।
  • बेमेतरा क्षेत्र में समूहों को रोजगार प्रशिक्षण के नाम पर जोड़ा जाता था।
  • पूछताछ के दौरान अवैध वसूली की जानकारी भी सामने आई।

अपहरण की मंशा

  • पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि अपहरण क्यों किया गया।
  • पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संदेहियों की वास्तविक मंशा क्या थी—भय दिखाना या आर्थिक लाभ लेना।

विशेषज्ञों की राय

  • विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना ने सुरक्षा और विश्वास का गंभीर उल्लंघन उजागर किया है।
  • यह घटना समाज में सतर्कता और पुलिस की सक्रियता की जरूरत को भी दर्शाती है।
  • ऐसे मामलों में समय पर पुलिस कार्रवाई ही जीवन और प्रतिष्ठा की सुरक्षा कर सकती है।

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