सोमनाथ महादेव मंदिर
उत्तर बस्तर कांकेर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: अटूट आस्था के 1000 वर्ष” का आयोजन
उत्तर बस्तर कांकेर। गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: अटूट आस्था के 1000 वर्ष” समारोह का आयोजन आज किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूजा-अर्चना की और देशवासियों को वर्चुअली संबोधित किया।
इस समारोह का सीधा प्रसारण कांकेर के मेलाभाठा मैदान स्थित प्राचीन शिवालय और कंकालिन मंदिर परिसर में किया गया। “सोमनाथ संवाद” नामक परिचर्चा में जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सांसद श्री नाग ने जताई आस्था की महत्ता
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में सोमनाथ मंदिर महादेव का निवास स्थल है।
उन्होंने बताया कि विदेशी आक्रांताओं की लाख कोशिशों के बावजूद सोमनाथ महादेव मंदिर आज भी अडिग और अचल है। यह मंदिर आज भी आस्था का शीर्ष केंद्र माना जाता है। सांसद ने जिलेवासियों से एकजुट होने और अपनी धर्म, आस्था और सनातनी विरासतों को संरक्षित करने का आह्वान किया।
अन्य जनप्रतिनिधियों का संदेश
कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम ने कहा कि भावी पीढ़ी को धर्म और अध्यात्म से जुड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से जाति-पांति और ऊँच-नीच से ऊपर उठकर धर्म की रक्षा करने का आग्रह किया।
नगरपालिका अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक ने बताया कि 1000 साल पहले सोमनाथ मंदिर को क्षति पहुंचाई गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पुनर्निर्माण के बाद यह मंदिर आज भी स्थापत्य कला और वैभव के चरम पर है।
पूजा-अर्चना और रूद्राभिषेक
समारोह में कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी, हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले सहित नगरवासी उपस्थित थे। उन्होंने कंकालिन माता मंदिर परिसर में शिवलिंग की पूजा-अर्चना और रूद्राभिषेक कर जिलावासियों की प्रगति और खुशहाली की कामना की।