देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पूरी तरह सक्रिय होने के साथ ही शुक्रवार को भी कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं, भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं और कई जिलों में स्कूलों को बंद करना पड़ा है। कई राज्यों में नदियां उफान पर हैं और यातायात पूरी तरह बाधित हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि बारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है।
देश के अलग-अलग राज्यों में भारी बारिश की वजह से गुरुवार को 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, गुजरात के सूरत जिले में पिछले कुछ दिनों में आई बाढ़ के कारण अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है।
गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश ने देश की राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया। पेड़ उखड़ने और सड़कों पर पानी भरने से भारी ट्रैफिक जाम लग गया। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के कुछ इलाकों में 160 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार के लिए भी दिल्ली में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ-साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में शुक्रवार को अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं, जिसके चलते प्रशासन ने रुद्रप्रयाग जिले में एहतियातन सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। उत्तरकाशी जिले के नालू पानी में भारी भूस्खलन के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे चारधाम यात्रा रुक गई है। मार्ग को खोलने के लिए राहत टीमों को तैनात किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश ने तबाही मचाई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, गुरुवार शाम तक राज्य की 75 सड़कें पूरी तरह बंद थीं, जबकि 29 बिजली ट्रांसफार्मर और पांच पेयजल योजनाएं ठप हो गईं। शिमला और सिरमौर जिलों में शुक्रवार को और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य में 11 जुलाई तक भारी से बेहद भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, जिससे तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। रेड अलर्ट को देखते हुए गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर और मुरादाबाद जिलों के प्रशासन ने एहतियातन शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रयागराज में बाढ़ नियंत्रण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि हालांकि मुख्य नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन कुछ अन्य नदियां खतरे के बिंदु के करीब पहुंच रही हैं।
केरल के वायनाड में इस सप्ताह की शुरुआत में हुए भूस्खलन में छह लोगों की मौत हो गई थी। मलबे में लापता दो लोगों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी है, हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है।