विक्रांत मैसी की फिल्म द साबरमती रिपोर्ट चर्चा में है। इस मूवी की कहानी 27 जनवरी 2002 को हुए गोधरा कांड पर आधारित है। मूवी पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट चुका है। इस बीच फिल्म का प्रमोशन कर रहे विक्रांत मैसी कई टफ सवालों का सामना भी कर रहे हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या गोधरा कांड का फायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हुआ? इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से सबको कुछ न कुछ फायदा होता है। यह बात उन्होंने कोरोना का उदाहरण देकर समझाई।
विक्रांत मैसी शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में थे। यहां उनसे फिल्म के डायलॉग का जिक्र करते हुए कहा गया कि बहुत से लोगों को लगता है कि अगर गोधरा कांड नहीं हुआ होता तो नरेंद्र मोदी लार्जर दैन लाइफ नहीं होते। एक बड़ी घटना होती है तो एक व्यक्ति का पूरा चरित्र निकलकर आता है। सुप्रीम कोर्ट से उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। क्या आपको लगता है कि इस पूरी घटना ने नरेंद्र मोदी को लार्जर दैन लाइफ (लोकप्रियता असाधरण रूप से बढ़ गई) बना दिया?
इस पर विक्रांत बोले, ‘इस दुर्घटना से सबको फायदा हुआ। जब भी कोई आपदा आती है, सबका फायदा होता है। खासकर पॉलिटिकल पार्टीज का। पॉलिटिकल फिगर्स का, उद्योगपतियों का। कोरोना आया, सिलेक्टिव उद्योगपतियों को फायदा हुआ। इसको किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं कर सकते।’
विक्रांत से पूछा गया कि 59 लोगों की बातें इसलिए नहीं की गईं क्योंकि ये हिंदू थे। क्या हिंदुओं की लाइफ सस्ती है? इस पर विक्रांत बोले, ‘ये कहना गलत होगा कि हिंदुओं की लाइफ सस्ती है। अगर ऐसा है तो वो न हो वरना उन्हें बहुत कष्ट होगा। जब उनसे कहा गया कि सस्ती से मतलब है कि उस पर चर्चा कम होती है। शोर कम होता है। उतना आक्रोश नहीं होता है। विक्रांत बोले, ये एक हद तक सच है, पूरी तरह सच नहीं है।’
इस पर चर्चा क्यों नहीं की गई? विक्रांत बोले, ‘हमें ग्राउंड रिऐलिटी नहीं पता। यह फिल्म देखकर पता चलेगा कि ऐसा क्यों नहीं किया गया। अगर व्यक्तिगत रूप से पूछेंगे कि 59 लोगों पर बात न करना गलत था तो कहूंगा एकदम गलत था। इसीलिए मैं फिल्म का हिस्सा हूं।’