पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश को नागरिकता साबित करने का नोटिस, सोशल मीडिया पर उठे सवाल

एडमिरल अरुण प्रकाश


पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश को निर्वाचन आयोग का नोटिस, पहचान स्थापित करने को कहा

नई दिल्ली। भारत के पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश (रिटायर्ड) को निर्वाचन आयोग ने नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनसे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत अपनी पहचान स्थापित करने के लिए बैठक में उपस्थित होने को कहा है।

एडमिरल प्रकाश सेवानिवृत्ति के बाद से गोवा में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि SIR प्रपत्र अपेक्षित जानकारी पूरी तरह नहीं जुटा रहे हैं, तो उसमें संशोधन होना चाहिए।


क्या है मामला?

  • आयोग के अनुसार, एडमिरल प्रकाश 2002 के बाद अंतिम बार अपडेटेड मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं
  • उन्हें ‘अनमैप’ श्रेणी में रखा गया है।
  • सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए कि उनका पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) और जीवन प्रमाणपत्र पहले से सरकारी डेटाबेस में उपलब्ध है, तो फिर SIR टीम और क्या जानकारी चाह रही है।

दक्षिण गोवा की जिला निर्वाचन अधिकारी एग्ना क्लीटस ने कहा, “ज्यादातर ऐसे मामलों में यही हो रहा है। एडमिरल प्रकाश ‘अनमैप’ श्रेणी में आते हैं।”


एडमिरल प्रकाश का बयान

एडमिरल प्रकाश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा:

  • “हमने और मेरी पत्नी ने आवश्यकतानुसार SIR प्रपत्र भरे थे और गोवा की प्रारूप मतदाता सूची 2026 में अपने नाम देखकर प्रसन्न थे।”
  • “हम ईसी नोटिस का पालन करेंगे।”
  • उन्होंने यह भी कहा कि SIR प्रपत्र को सुधारना चाहिए, और उन्होंने उम्र और दूरी के कारण दो अलग-अलग तिथियों पर उपस्थित होने की परेशानी भी जताई।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ

  • लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) टी. एस. आनंद ने लिखा कि “हर नागरिक, जिसके दस्तावेज सही हैं, वह जाकर पहचान दिखा सकता है। एडमिरल प्रकाश का पीपीओ/वेटरन कार्ड पर्याप्त प्रमाण है।”
  • एक अन्य यूजर ने कहा कि “पीपीओ और जीवन प्रमाणपत्र पहले से सरकारी डेटाबेस में है। SIR टीम को केवल सॉफ्टवेयर में आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।”

गौरतलब बातें

  • एडमिरल प्रकाश को भारत-पाकिस्तान 1971 के युद्ध में उनकी भूमिका के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
  • सोशल मीडिया पर मामला चर्चा में है क्योंकि यह सामान्य नागरिक और सम्मानित पूर्व अधिकारी के बीच प्रक्रिया की सादगी को लेकर सवाल उठाता है।
  • आयोग की प्रक्रिया के अनुसार, SIR टीम घर जाकर भी पहचान की पुष्टि कर सकती है।

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