“रायपुर गैस एजेंसी निलंबन”
आर्टिकल:
रायपुर: रायपुर के फाफाडीह स्थित गैस एजेंसी के निलंबन के बाद उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति ने ना सिर्फ घरेलू जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि उपभोक्ताओं के बीच आक्रोश भी बढ़ा दिया है।
एजेंसी के बाहर हंगामा:
सोमवार सुबह बड़ी संख्या में उपभोक्ता रायपुर गैस एजेंसी पहुंचे, जहाँ उन्हें एक माह पहले की गई बुकिंग के बावजूद सिलिंडर नहीं मिला। स्थिति इस हद तक बिगड़ी कि लोग सुबह 6 बजे से ही लाइन में खड़े हो गए, लेकिन जब कर्मचारियों ने उन्हें गैस की कमी की जानकारी दी, तो उपभोक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ उपभोक्ताओं ने तो कार्यालय में तोड़फोड़ भी की, जिसके बाद स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।
पुरानी बुकिंग वाले परेशान, नए ग्राहकों से अवैध वसूली का आरोप:
सबसे बड़ा आरोप यह था कि पुरानी बुकिंग वाले उपभोक्ताओं को गैस नहीं दी जा रही है, जबकि नए ग्राहकों से 500 से 600 रुपये अधिक लिए जा रहे हैं। यह आरोप प्रशासन और गैस एजेंसियों के खिलाफ तीव्र विरोध का कारण बन गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि मर्ज के बाद भी वितरण प्रणाली में सुधार नहीं हो पाया है, और उन्हें बार-बार राजेंद्र एचपी और शांति एचपी एजेंसियों के बीच दौड़ाया जा रहा है।
वर्तमान स्थिति की सच्चाई:
रायपुर गैस एजेंसी के निलंबन के बाद, प्रशासन ने 12 हजार उपभोक्ताओं को दो अलग-अलग एजेंसियों में मर्ज कर दिया है—राजेंद्र एचपी और शांति एचपी। प्रशासन का दावा है कि इन एजेंसियों के माध्यम से गैस वितरण शुरू हो चुका है, लेकिन जमीनी स्थिति में यह दावा पूरी तरह से विफल दिख रहा है। उपभोक्ताओं को बार-बार गोदाम और एजेंसी के बीच भेजा जा रहा है, और कभी स्टॉक खत्म होने की बात तो कभी वितरण में देरी की जानकारी दी जा रही है।
कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि अवैध वसूली हो रही है। उनके अनुसार, नए ग्राहकों से अतिरिक्त रकम लेकर सिलिंडर दिए जा रहे हैं, जबकि पुराने ग्राहकों को लगातार टाला जा रहा है। हेतराम जांगड़े जैसे उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने 14 मार्च को गैस के लिए बुकिंग की थी, लेकिन अब तक सिलिंडर नहीं मिला।
अवस्थाएँ और ज्यादा बिगड़ी:
रायपुर गैस एजेंसी के कर्मचारियों का कहना है कि स्टॉक खत्म होने के कारण गैस वितरण में देरी हो रही है, लेकिन उपभोक्ता इस स्थिति से बेहद परेशान हैं। अरविंद यादव ने बताया कि उन्हें ओटीपी भी प्राप्त हुआ था, लेकिन एजेंसी पहुंचने पर उन्हें वापस भेज दिया गया। इसी तरह, बिमला पवार और एस. विंदेश्वरी जैसे उपभोक्ताओं ने भी घंटों इंतजार करने के बाद कोई समाधान नहीं पाया।
समस्या का समाधान:
इसमें कोई संदेह नहीं कि रायपुर गैस एजेंसी का निलंबन उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा संकट बन गया है। प्रशासन को इस स्थिति का तुरंत समाधान निकालना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को गैस वितरण में होने वाली समस्याओं का सामना न करना पड़े। वितरण व्यवस्था में सुधार और अवैध वसूली की जांच कर इसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए। यदि जल्दी ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो यह समस्या और भी विकराल हो सकती है।