बर्बरता पर उतर आई रूसी सेना, यूक्रेनियों के खून से लिया जा रहा बदला; अचानक क्यों भड़के पुतिन?

यूक्रेन और रूस के बीच ढाई साल से चल रही महाजंग ने पिछले सप्ताह रोचक मोड़ तब ले लिया था, जब वलोडोमिर जेलेंस्की के लड़ाकों ने रूस को चौंकाते हुए उसी के क्षेत्र पर हमला शुरू कर दिया था। यूक्रेनी सेना रूस के कुर्स्क क्षेत्र में 1000 किलोमीटर तक कब्जा कर चुकी है। यूक्रेन के इस पलटवार से पुतिन बौखलाए हुए हैं। उन्होंने अपनी सेना को यूक्रेन में बर्बरता करने के आदेश दे दिए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट है कि पूर्वी यूक्रेन में रूसी सेना यूक्रेनियों का जमकर खून बहा रही है। हर दिन कम से कम 52 लड़ाईयां हो रही है। यूक्रेन के मुताबिक, यह आंकड़ा ज्यादा है। यूक्रेन के 18 फीसदी हिस्से पर भी रूस ने अपना कब्जा कर लिया है।

यूक्रेनी सेना ने मंगलवार को कहा कि रूसी सेना ने पिछले 24 घंटों में पूर्वी यूक्रेन में पोक्रोव्स्क हिस्से पर हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन का यह भी कहना है कि एक ही क्षेत्र पर कम से कम 42 लड़ाईयां लड़ी जा रही हैं। रूसी सेना के अचानक इस कदम से यूक्रेनी सेना घबरा गई है। एक दैनिक रीडआउट में, यूक्रेनी सेना के जनरल स्टाफ ने कहा कि पोक्रोव्स्क मोर्चे पर एक दिन में 52 लड़ाइयां हुई, जो कि पिछले सप्ताह में प्रति दिन 28 से 42 के आंकड़ों से कहीं अधिक है।

दरअसल, सप्ताहभर पहले यूक्रेनी सेना ने चुपके से अपनी सीमा से लगते रूसी शहर कुर्स्क पर हमला बोल दिया था। यहां पिछले कुछ दिनों से भीषण लड़ाई चल रही है और यूक्रेन ने सोमवार को पहली बार दावा किया कि उसने रूस के कुर्स्क शहर में 1000 किलोमीटर तक कब्जा कर लिया है। यूक्रेन के दावों ने रूसी सेना की अपने ही मुल्क में हिफाजत की पोल खोल दी। इतना ही नहीं रूस के आपातकालीन विभाग को शहर में रह रहे रूसियों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाने का आग्रह भी करना पड़ा। अभी तक 76 हजार से अधिक रूसी अपना घर-बार छोड़कर दूसरे ठिकानों तक जा चुके हैं। यूक्रेन के इस वार ने पुतिन के अहम को बड़ी चोट पहुंचाई है। युद्ध विशेषज्ञों के मुताबिक, यूक्रेन का यह कदम रूस का ध्यान बांटना था, ताकि यूक्रेन को रूसी सैनिकों के खिलाफ युद्ध करने के लिए अपनी ताकत और हथियार जोड़ने के लिए कुछ  वक्त मिल सके लेकिन, हुआ यूं कि पुतिन के आदेश के बाद रूसी सेना यूक्रेनी शहरों पर कहर बनकर टूट पड़ी है।

यूक्रेन द्वारा रूस के कुर्स्क क्षेत्र में अचानक सीमा पार से घुसपैठ करने के बाद लड़ाई में वृद्धि हुई है। कुछ सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि रूसी सेना पूर्व में उनके मुख्य हमलों से यूक्रेन का ध्यान हटाने के लिए यूक्रेन के पूर्वी शहरों को निशाना बना रही है। यह एक युद्ध रणनीति है, जिसे पुतिन आजमा रहे हैं। रूसी सेनाएं महीनों से कीव के कब्जे वाले लॉजिस्टिक्स हब पोक्रोव्स्क की ओर बढ़ रही थी और अब अधिक सैन्य बल और हथियारों की मदद से अपनी कोशिश में लगातार सफलता प्राप्त कर रही है।

यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने कहा कि पिछले 24 घंटों में रूसी हमले पोक्रोव्स्क से लगभग 20 किमी दूर ह्रोडिव्का और ज़ेलाने गांवों के आसपास केंद्रित हैं। इतना ही नहीं फरवरी 2022 में आक्रमण के बाद से रूस ने यूक्रेन के 18% क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। दूसरी ओर यूक्रेन अपना क्षेत्र लगातार खोता जा रहा है।

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