ठंड बढ़ने के साथ यूपी के कई जिलों में हवा खतरनाक श्रेणी में पहुंच गई है। सुबह के वक्त कई जिलों में धुंध छा जा रही है। गाजियाबाद के लोनी, वसुंधरा और नोएडा के सेक्टर-62 का एक्यूआई सोमवार की सुबह 400 के पार पहुंच गया। वहीं, आगरा, मेरठ, कानपुर, लखनऊ जैसे प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी हवा की हालत बहुत अच्छी नहीं है। सर्दी से ठीक पहले मौसमी स्थितियों से मेरठ में जिंदगी धुआं-धुआं है। फेफड़ों में, हर सांस में जहर भर रहा है। बिना धूम्रपान छोटे बच्चे से बड़ों तक मेरठ के लोग 24 घंटे में हर रोज 16 सिगरेट फूंक रहे हैं। मेरठ में प्रदूषण की स्थिति प्रतिदिन 16 सिगरेट पीने से होने वाले नुकसान के बराबर है। ताजनगरी आगरा में लगातार खराब हवाओं के बीच संजय प्लेस मानीटरिंग स्टेशन का डेटा ही गायब हो गया है। सीपीसीबी की अधिकृत वेबसाइट पर संजय प्लेस के खाने में नो डेटा लिखा आ रहा है। जबकि शेष स्थानों पर हवाओं की स्थिति खराब ही चल रही है। शहर में जब भी प्रदूषण बढ़ता है तो अक्सर सर्वाधिक प्रदूषण वाले इलाके का डेटा गायब हो जाता है। इस बार भी यही हुआ है। चूंकि संजय प्लेस की हवाएं दीवाली से 15 दिन पहले से खराब चल रही हैं। यह सर्वाधिक प्रदूषित इलाका रिकार्ड हुआ है। साथ ही संजय प्लेस मानीटरिंग स्टेशन पर स्प्रिंकलर चलाने जाने की तस्वीरें वायरल होने के बाद मामला विवादास्पद हो गया था। बाद में बोर्ड के अधिकारियों ने वहां से स्प्रिंकलर हटवाए भी थे।
रविवार और आज सोमवार को भी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की अधिकृत वेबसाइट पर संजय प्लेस के कालम में नो डेटा अवेलबल लिखा आ रहा है। सुबह से लेकर रात तक की लाइव मानीटरिंग में कुछ नहीं आया। बोर्ड का एक मोबाइल एप्लिकेशन भी है जो ‘समीर’ के नाम से जानी जाती है। सोशल मीडिया पर इसमें रविवार को आगरा के गायब होने की भी खबरें चलती रहीं। इसने फिर कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। शनिवार की अपेक्षा रविवार को लगभग हर इलाके में प्रदूषण भी कम रिकार्ड किया गया है। हालांकि कुछ स्थानों पर यह पहले की अपेक्षा बढ़ा भी है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सोमवार की सुबह नौ बजे आगरा के मनोहरपुर का एक्यूआई 188, रोहता का 209, सेक्टर 3 बी आवास विकास कॉलोनी का एक्यूआई 223, शाहजहां गार्डेन-245, शास्त्रीपुरम-246, बरेली के सिविल लाइंस-70, राजेन्द्र नगर-72, गाजियाबाद के इंदिरापुरम का एक्यूआई 361, लोनी का 447, संजय नगर का 382 और वसुंधरा का 432 पाया गया है। गोरखपुर के एमएमएमयूटी में 156 एक्यूआई पाया गया। झांसी के शिवाजीनगर में 109 एक्यूआई, कानपुर के एफआईटी किदवईनगर का 118, एनएसआई कल्याणपुर का 145 और नेहरूनगर का एक्यूआई 151 पाया गया।
लखनऊ के बीआर अंबेडकरनगर विवि क्षेत्र का एक्यूआई सोमवार सुबह नौ बजे 208, गोमतीनगर का 135, केंद्रीय विद्यालय क्षेत्र का 291, कुकरैल का 186, लालबाग-327 और तालकटोरा का एक्यूआई 299 पाया गया है। मेरठ के गंगानगर क्षेत्र का एक्यूआई 266, जयभीमनगर 335, पल्लवपुरम फेज-2 का एक्यूआई 362, नोएडा के सेक्टर 125 का एक्यूआई 356, सेक्टर 62 का 449, सेक्टर एक का 399 पाया गया। प्रयागराज के झूंसी का एक्यूआई 91, मोतीलाल नेहरू एनआईटी क्षेत्र का एक्यूआई 89, नगर निगम क्षेत्र का 87 पाया गया। वाराणसी के अदर्ली बाजार क्षेत्र का एक्यूआई 117, भेलूपुर 107, बीएचयू का 55, मल्दहिया एक्यूआई 105 पाया गया।