शैलाभ साहू ओएसडी
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अधिकारी शैलाभ साहू को परिवहन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, संसदीय कार्य और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप का विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसके जरिए सरकार मंत्री और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास कर रही है।
नियुक्ति से जुड़ी अहम बातें
- नवीन जिम्मेदारी: शैलाभ साहू को यह नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत दी गई है। इस आदेश में उल्लेख किया गया है कि उन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक इस पद पर अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है।
- विशेष जिम्मेदारियां: उनके साथ ही उप सचिव पुलक भट्टाचार्य को ई-ऑफिस, SPARROW, ई-एचआरएमएस और सामान्य प्रशासन विभाग के अन्य कार्यों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
शैलाभ साहू की प्रशासनिक यात्रा
- प्रशासनिक अनुभव: शैलाभ साहू को 2013 बैच का राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी माना जाता है। उन्होंने बलौदाबाजार, गरियाबंद, और सारंगढ़ जैसे जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं और इस दौरान अपनी दक्षता को साबित किया है।
- निर्वाचन कार्य: शैलाभ साहू ने संसदीय चुनावों के दौरान मुख्य निर्वाचन कार्यालय में भी अहम कार्यों को निभाया। इसके साथ ही, परिवहन विभाग में लंबे समय तक आईटी कार्यों की जिम्मेदारी भी उनके पास रही है।
- प्रशासनिक सुधारों का योगदान: शैलाभ साहू राज्य में ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस और SPARROW जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के क्रियान्वयन में भी प्रमुख चेहरों में रहे हैं, जो प्रशासनिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जाते हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में महत्वपूर्ण कदम
- स्ट्रैटेजिक नियुक्ति: इस नियुक्ति को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में एक स्ट्रैटेजिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम मंत्री और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे नीति निर्माण और क्रियान्वयन में सुधार हो सके।
- समन्वय का महत्व: सरकार यह चाहती है कि नीति निर्माण के साथ-साथ उसके प्रभावी क्रियान्वयन में भी कोई कमी न हो। इस रणनीतिक नियुक्ति के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों के बीच सही तालमेल हो और विकास की दिशा में तेजी आए।
शैलाभ साहू की भूमिका
शैलाभ साहू की यह नई जिम्मेदारी मंत्रालय में प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम है। उनके पास पहले से ही प्रशासनिक सुधारों का अनुभव है, और अब ओएसडी के रूप में वे मंत्री के साथ मिलकर पानी, वन और परिवहन जैसे अहम विभागों में प्रभावी बदलाव की दिशा में काम करेंगे।