बाबा सिद्दीकी के कत्ल के तुरंत बाद नहीं भागा था मुख्य आरोपी,

एनसीपी के नेता बाबा सिद्दीकी के कत्ल के बाद हत्यारे फरार हो गए थे, लेकिन मुख्य आरोपी तुरंत नहीं भागा था। उसने हत्या के तुरंत बाद अपनी ड्रेस बदली थी और भीड़ में जा छिपा था। इसके बाद चुपके से वहां से निकल गया। उसने इसलिए ड्रेस बदल ली थी ताकि भारी भीड़ में उसे कोई पहचान न सके और वह निकल जाए। यही कारण था कि हत्या में शामिल दो अन्य लोगों को हरियाणा के गुरनैल सिंह और यूपी के धर्मराज कश्यप को अरेस्ट कर लिया गया था। लेकिन यूपी के ही बहराइच का रहने वाले मुख्य आरोपी शिव कुमार गौतम फरार हो गया। उसे रविवार को ही अरेस्ट किया गया था, जब वह नेपाल भागने की तैयारी में था।

उसने पुलिस से पूछताछ में बताया है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल से उसकी बात हुई थी। वहीं से उसे बाबा सिद्दीकी या फिर उनके बेटे जीशान के कत्ल की सुपारी मिली थी। बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर को अपने विधायक बेटे जीशान के दफ्तर से बाहर निकलने पर हत्या कर दी गई थी। गौतम ने बताया है कि अनमोल बिश्नोई ने उससे कहा था कि बाबा सिद्दीकी या जीशान में से किसी एक को मारना है या जो भी पहले मिल जाए, उसी का कत्ल कर देना। शिवकुमार गौतम से इस कांड से पहले भी अनमोल बिश्नोई ने बात की थी, जो इन दिनों कनाडा में बताया जाता है।

मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के सूत्रों का कहना है कि अनमोल ने गौतम से कहा था कि तुम लोग भगवान और समाज का काम करने जा रहे हो। इन तीन आरोपियों में से एक के फोन से जीशान सिद्दीकी की फोटो भी बरामद हुई है। हत्या के बाद गौतम ने कपड़े बदले और फिर भीड़ से निकलते हुए ऑटो लिया और फिर कुर्ला के लिए रवाना हो गए। इसके बाद वह एक लोकल ट्रेन पकड़कर ठाणे निकल गए। ठाणे से उसने पुणे के लिए ट्रेन ली और रास्ते में ही कहीं अपना फोन फेंक दिया था। वह लगभग 7 दिन पुणे में रहा और फिर यूपी के झांसी निकल गया। यहां 5 दिन रहने के बाद वह लखनऊ चला गया।

गौतम ने लखनऊ पहुंचने के बाद उसने एक नया मोबाइल लिया और फिर अपने साथियों से संपर्क किया। यहां 11 दिन बिताने के बाद वह अपने गांव बहराइच पहुंचा और अपने दोस्तों से मिला। इसके बाद वह पास के गांव में एक सुरक्षित घर पर ठहर गया। इसके बात उसकी प्लानिंग थी कि वैष्णो देवी जाए और फिर देश ही छोड़ दे। इसी दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बाबा सिद्दीकी हत्या के मामले में पुलिस अब तक 20 लोगों को अरेस्ट कर चुकी है। इस केस में पुलिस ने गौतम को शरण देने वाले अनुराग कश्यप, ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, आकाश श्रीवास्तव और अखिलेशेन्द्र प्रताप सिंह को भी अरेस्ट किया है। इन लोगों पर उसे शरण देने और भागने में मदद का आरोप है।

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