वो ओवल ऑफिस जहां बैठकर पूरा देश चलाते हैं राष्ट्रपति,

अमेरिका में सत्ता परिवर्तन हो गया है. डोनाल्ड ट्रंप देश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति हैं. वह अगले साल से राष्ट्रपति पद का कामकाज संभाल लेंगे. व्हाइट हाउस में बने ओवल ऑफिस (Oval Office) उनका आधिकारिक कार्यालय होगा, जहां से वह अमेरिकी सरकार चलाएंगे.

ओवल ऑफिस अमेरिका के राष्ट्रपति के कार्यालय का नाम है, जहां बैठकर राष्ट्रपति देश को कंट्रोल करते हैं. इसका आकार ओवल (अंडाकार) होने की वजह से इसे ओवल ऑफिस कहा जाता है. लेकिन हमेशा से इसका आकार ऐसा नहीं था. 

व्हाइट हाउस की वेस्ट विंग के दक्षिणी छोर में 1909 में ओवल ऑफिस का निर्माण कराया गया था. लेकिन उस समय यह राष्ट्रपति का अस्थाई कार्यालय हुआ करता था और अमेरिका का राष्ट्रपति बनने वाले हर शख्स ने अपनी पसंद के हिसाब से हर बार इसे रेनोवेट कराया.

लेकिन 1909 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति विलियम हॉवर्ड टाफ्ट ने ऑफिस का स्पेस बढ़ाने और स्थाई तौर पर इसे कार्यालय बनाने के लिए विशेष आर्किटेक्टर हायर किए थे.  वॉशिंगटन के आर्किटेक्ट नैथन सी. वेथ ने राष्ट्रपति कार्यालय के ऑफिस के विस्तार प्रोजेक्ट को डिजाइन किया. इस तरह ऑफिस का स्पेस बढ़ाने के दौरान इसका आकार ओवल हो गया.

अमेरिका के पहले राष्ट्रपित ने दफ्तर की सीधी दीवारों को अर्ध-गोलाकार के आकार में दोबारा बनवाया था. ऐसे में जब दफ्तर का स्पेस बढ़ाने की कोशिश की गई तो दीवारों के आकार को ध्यान में रखकर पूरा दफ्तर अंडाकार के आकार में तैयार हो गया.

ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति के डेस्क के पीछे तीन बड़ी खिड़कियां हैं. एक फायरप्लेस . दो बुककेस और चार दरवाजे हैं. पूर्वी दिशा का दरवाजा रोज गार्डन की तरफ खुलता है जबकि पश्चिमी दरवाजा एक प्राइवेट स्टडी रूम की तरफ जाता है. एक दरवाजा डाइनिंग रूम जबकि चौथा दरवाजा वेस्ट विंग के मुख्य गलियारे तक जाता है.

कितनी मिलती है राष्ट्रपति को सैलरी?

अमेरिकी राष्ट्रपति की सालाना तनख्वाह 4 लाख डॉलर यानी 3.36 करोड़ रुपये होती है. उन्हें खर्च के लिए अलग से सालाना 50 हजार डॉलर (42 लाख रुपये) मिलते हैं. राष्ट्रपति जब पहली बार व्हाइट हाउस में एंट्री करते हैं तो उन्हें 1 लाख डॉलर (करीब 84 लाख रुपये) मिलते हैं, जिससे वो घर को अपने हिसाब से सजा सकें. इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति को एंटरटेन्मेंट और बाकी खर्चों के लिए 19 हजार डॉलर (करीब 16 लाख रुपये) मिलते हैं. 

इस कार से सफर करते हैं राष्ट्रपति

अमेरिकी राष्ट्रपति की सिक्योरिटी सीक्रेट सर्विस के एजेंट संभालते हैं. वो एयरफोर्स वन विमान से यात्रा करते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी लिमोजिन कार में ही सफर करते हैं. इसे ‘द बीस्ट’ नाम दिया गया है. इस कार को अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स ने तैयार किया है. इसे दुनिया की सबसे सुरक्षित कार माना जाता है. ये कार इतनी सुरक्षित है कि इस पर न्यूक्लियर अटैक और केमिकल अटैक तक का असर नहीं होता. इस कार में मशीन गन, टियर गैस सिस्टम, फायर फाइटिंग और नाइट विजन कैमरा जैसे इक्विपमेंट होते हैं. जरूरत पड़ने पर कार से दुश्मन पर हमला भी किया जा सकता है.

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