लगा मोबाइल चोर हैं…पार्क के चौकीदार ने सुनाई बाबा सिद्दिकी पर हमले की कहानी, पेपर स्प्रे का यूज

बाबा सिद्दिकी को गोली मारने के बाद हमलावर भागने लगे। हमें लगा कि वह मोबाइल चोर हैं। यह बातें बताई हैं उस पार्क के गार्ड ने जहां हमलावर गोली मारने के बाद छिपे थे। इस गार्ड ने हमले के तत्काल बाद के हालात के बारे में बताया है। पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दिकी को उनके बेटे के ऑफिस के बाहर गोली मार दी गई थी। मौके से भागते समय आरोपियों ने सुरक्षाकर्मियों के ऊपर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया था। इसके बाद यह लोग देवी विसर्जन के जुलूस की भीड़ में शामिल हो गए और 25-30 मीटर दूर चिल्ड्रेन पार्क में घुस गए। यहां से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, बाबा सिद्दिकी पर फायरिंग के दौरान जुलूस में शामिल एक युवक को भी गोली लगी थी।

पार्क के इस सुरक्षा गार्ड का नाम अनवर खान है। अनवर ने बताया कि वह खाना बना रहा था। इसी वक्त उसने गेट पर पुलिसवालों की आवाज सुनी। उसे लगा कि मोबाइल चोर अंदर घुस आए हैं और पुलिस उन्हें ढूंढने आई है। उसने बताया कि रात में अंधेरा काफी ज्यादा थे और पार्क में काफी सारे पेड़ हैं। इसलिए आरोपियों की तलाश करना आसान नहीं था। इसमें काफी ज्यादा वक्त लग रहा था। अनवर के मुताबिक वह पुलिसवालों के साथ पार्क के सभी कोनों में गया। करीब 25 मिनट तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद टीम ने धर्मराज कश्यप को दबोच लिया। उस समय, वह पश्चिमी राजमार्ग पर भागने की कोशिश कर रहा था। वह कांटेदार तार की बाड़ के साथ एक दीवार को पार कर रहा था, तभी उसको दबोच लिया गया।

इससे पहले गोली लगते ही बाबा सिद्दिकी अपनी कार के बगल में गिर पड़े। इसके बाद वहां पर चीख-पुकार मच गई। जानकारी होते ही निर्मल नगर में तैनात पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इस टीम में सहायक निरीक्षक राजेंद्र दाभाडे, उप-निरीक्षक शैलेश चौधरी, सुदर्शन बांकर, विशाल पलांडे, कांस्टेबल सब्दीप अवध, किरण शेलार, संग्राम अथिग्रे और एटीसी कर्मचारी भावेश नंद शामिल थे।

हमलावरों ने बाबा सिद्दिकी के ऊपर छह बार गोली चलाई। इस गोलीबारी के दौरान देवी विसर्जन जुलूस में शामिल एक युवक को भी गोली लगी। उसकी पहचान 22 साल के राज कनौजिया के रूप में हुई है। फिलहाल भाभा अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

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