राम मंदिर निर्माण में होगी तीन महीने की देरी, 200 श्रमिकों की कमी; बदले जाएंगे पत्थर

अयोध्या में बन रहा राम मंदिर जून 2025 तक पूरी तरह तैयार नहीं होगा, बल्कि इसमें तीन माह का अतिरिक्त समय लगेगा और यह सितंबर 2025 तक पूरा होगा। एक पदाधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अयोध्या में इसी वर्ष की शुरुआत में 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में श्रीरामलला की प्रतिमा की नवनिर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की गयी थी।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि मंदिर की चारदीवारी में 8.5 लाख घन फुट लाल बंसी पहाड़पुर पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा और ये पत्थर अयोध्या आ चुके हैं, लेकिन 200 श्रमिकों की कमी है, जिससे निर्माण में देरी हो रही है। मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण अब जून 2025 में नहीं, बल्कि सितंबर 2025 तक पूरा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रथम तल पर कुछ पत्थर कमजोर और पतले दिखाई देते हैं, इनकी जगह मकराना के पत्थर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनों पर काम किया जा रहा है।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। नृपेंद्र मिश्र ने कहा, ‘‘राम मंदिर के पूरा होने की समयसीमा पहले जून 2025 तय की गई थी। श्रमिकों की कमी के कारण इसमें तीन माह का अतिरिक्त समय लग सकता है। सभागार, सीमा और परिक्रमा पथ जैसी संरचनाएं अभी भी बनाई जानी हैं। मूर्तिकार ने आश्वासन दिया है कि दिसंबर तक मंदिर की सभी मूर्तियां पूरी कर ली जाएंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जयपुर में प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें राम दरबार की प्रतिमा, सात मंदिरों की प्रतिमा समेत कई अन्य शामिल हैं। दिसंबर के अंत तक प्रतिमाएं भी अयोध्या आ जाएंगी। इसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि इन्हें कहां रखा जाए।’’ मिश्र ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा पहले से स्वीकृत श्रीरामलला की दो मूर्तियों को भी उचित स्थान दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘राम मंदिर में रामलला के दर्शन के बाद बाहर निकलने के रास्ते को लेकर नए सिरे से चर्चा हो रही है। इसे और अधिक सुलभ बनाया जाएगा।’’ फिलहाल जन्मभूमि पथ के सामने लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है, जिससे मंदिर से बाहर निकलने में दिक्कत हो रही है।

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