एकनाथ शिंदे की ‘बीमारी’ के बीच केंद्रीय मंत्री का नाराजगी का दावा, एक सुझाव भी दिया

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन की तैयारी तेजी से चल रही है। भाजपा बुधवार को विधायक दल के नेता का चुनाव करने वाली है और 5 दिसंबर को सीएम का शपथ ग्रहण समारोह है। इतना तय होगा गया है कि एकनाथ शिंदे को इस बार संतोष करना होगा, लेकिन वह बीमार चल रहे हैं और इसके चलते कयासों का दौर तेज है। मंगलवार को तो एकनाथ शिंदे ठाणे के एक अस्पताल में भर्ती हुए, लेकिन चेकअप के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। इस बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे सीएम न बनाए जाने के चलते वह नाराज हैं। यही नहीं उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे को केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है।

इसके आगे रामदास आठवले ने कहा, ‘मेरा सुझाव है… देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम का पद एकनाथ शिंदे की सरकार में स्वीकार किया था। देवेंद्र फडणवीस की तरह ही इस बार एकनाथ शिंदे को यह जिम्मेदारी स्वीकार कर लेनी चाहिए। यदि वह पद संभालने के लिए तैयार नहीं हैं तो फिर उन्हें महायुति का चेयरमैन होना चाहिए या फिर केंद्र सरकार का हिस्सा भी वह बन सकते हैं।’ आठवले ने कहा कि एकनाथ शिंदे इस बात से नाराज हैं कि उन्हें सीएम नहीं बनाया जा रहा है। वहीं भाजपा ने साफ कर दिया है कि उनके पास 132 सीटें हैं, जो बहुमत के बेहद करीब है। ऐसे में इस बार उनका ही मुख्यमंत्री होगा।

आठवले ने भाजपा की मीटिंग को लेकर भी दावा किया कि कल बैठक है। उन्होंने कहा, ‘भाजपा के पर्यवेक्षक सभी विधायकों की राय सुनेंगे। देवेंद्र फडणवीस के नाम का ऐलान हो सकता है। एकनाथ शिंदे को कोई समस्या नहीं है,वह पहले ही फैसला भाजपा हाईकमान पर छोड़ चुके हैं। हाईकमान भी बता ही चुका है कि वह मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। अब उनके पास विकल्प है कि महायुति के अध्यक्ष बन जाएं या फिर केंद्र सरकार में मंत्री बन जाएं। हालांकि वह इसके लिए तैयार नहीं हैं। वह नर्वस हैं।’

बता दें कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता लगातार उनके नाम पर दावेदारी कर रहे हैं। इन नेताओं का कहना रहा है कि एकनाथ शिंदे के नाम पर चुनाव लड़ा गया था। ऐसे में जीत मिलने के बाद मुख्यमंत्री के पद पर उनका दावा स्वाभाविक है। हालांकि लंबी कशमकश के बाद भाजपा हाईकमान ने दखल दिया और फिर अंत में एकनाथ शिंदे ने खुद ही कह दिया कि मैं सीएम बनने के लिए संघर्ष नहीं कर रहा। उनका कहना था कि सरकार के गठन में मेरी वजह से कोई देरी नहीं हो रही है।

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