NEET UG Paper Leak: नीट यूजी पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा मंढारे को सीबीआई ने अदालत में पेश किया. कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इंडिया टुडे के अनुसार, सीबीआई न्यायिक हिरासत मिलने के बाद मनीषा को लेकर बाहर निकली तो समाचार चैनलों के कैमरों ने घेर लिया. लाखों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली एनटीए की ये सब्जेक्ट एक्सपर्ट सिर झुकाए खड़ी दिखी.
सीबीआई के रिमांड नोट में नीट पेपर लीक के साजिश की कई परतें खुली हैं. पूछताछ और रिमांड नोट से जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं.
मोटे पैसे के बदले लीक किए प्रश्न और उत्तर
सीबीआई के रिमाइंड नोट के अनुसार, पेशे से बॉटनी की टीचर मनीषा मंढारे ने भारी-भरकम रकम के बदले चुनिंदा छात्रों के लिए नीट परीक्षा के प्रश्न और उनके जवाब लीक किए थे. रिमाइंड नोट के अनुसार, इस खेल में मनीषा अकेली खिलाड़ी नहीं थी. वह पहले से गिरफ्तार मनीषा वाघमारे और प्रहलाद विट्ठल राव कुलकर्णी जैसे अन्य आरोपियों के साथ मिलकर एक संगठित साजिश के तहत काम कर रही थी.
भरोसे का कत्ल
मनीषा एनटीए के लिए सब्जेक्ट एक्सपर्ट के तौर पर काम कर ही थी. पेपर सेटिंग की प्रक्रिया में शामिल होने के कारण उसके पास नीट यूजी 2026 के फाइनल क्वेश्चन सेट्स की सीधी एक्सेस थी. उसी भरोसे का कत्ल करते हुए उसने परीक्षा से पहले ही पूरा पर्चा अपने करीबियों और दलालों को सौंप दिया.
मनीषा ने घर पर दी स्पेशल कोचिंग
सीबीआई का आरोप है कि मंढारे नीट यूजी 2026 के लिए बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न तैयार करने में शामिल थी. परीक्षा प्रणाली में भूमिका के कारण उसे परीक्षा से पहले ही बायोलॉजी के गोपनीय प्रश्नों तक पहुंच मिल गई थी.
सीबीआई के अनुसार, पुणे में मंढारे के घर पर खास कोचिंग सेशन आयोजित किए जाते थे. इन सेशन में शामिल छात्रों को पहले से कहा था कि वे बॉटनी और जूलॉजी के जरूरी सवालों को अपनी नोटबुक में खिलें और अपनी टेक्स्टबुक में भी निशाना लगा लें.