अमेरिकी राष्ट्रपति पद को लेकर हुए चुनाव में जीत दर्ज कर चुके ट्रंप के सामने अपने आगामी कार्यकाल में सबसे बड़ी चुनौती रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की होगी। ट्रंप पहले भी कई बार इस युद्ध को खत्म करने की वकालत कर चुके हैं। इस युद्ध को समाप्त करने को लेकर उनकी दिलचस्पी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने हाल ही में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी इस मुद्दे पर बात की है। युद्ध को खत्म करने के लिए ट्रंप की ओर से एक कथित योजना सामने आई है अगर यह योजना लागू होती है तो यह युद्ध की दिशा बदल सकती है।
टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक इस युद्ध को खत्म करने के बारे में बात करते हुए ट्रंप के कर्मचारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत रूसी और यूक्रेनी सीमा पर दोनों सेनाओं के बीच में एक 800 मील का बफर जोन बनाया जाएगा। इसको बनाने के लिए यूरोपीय और ब्रिटिश सैनिकों की मदद ली जाएगी। इस योजना के लागू होने का मतलब यह है कि रूस इस क्षेत्र में अपना क्षेत्रीय लाभ जारी रखेगा, जबकि यूक्रेन को अपने नाटो में शामिल होने के सपने को छोड़ना होगा।
यह योजना डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध को समाप्त कराने की कई योजनाओं में से एक है। वह लगातार इस बात को कहते रहे हैं कि वह राष्ट्रपति बनने के कुछ ही दिनों में इस संघर्ष को खत्म कर देंगे। हालांकि जेलेंस्की इस मामले पर पहले ही कह चुके हैं कि रूस को खुश करते हुए किया गया कोई भी शांति समझौता यूरोप के लिए आत्महत्या के समान होगा। ट्रंप की उनकी चुनावी जीत पर बधाई देते हुए पुतिन ने कहा कि यूक्रेन और रूस के साथ उनकी योजना ध्यान देने योग्य हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के साथी जेडी वेंस ने भी यूक्रेन- रूस संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों की सीमा के बीच में एक बफर क्षेत्र बना दिया जाए और यूक्रेन को नाटो से बाहर रखकर युद्ध को रोका जा सकता है। ट्रंप और जेडी वेंस की इस योजना को ट्रंप की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एलन मस्क की सहमति पहले ही मिल चुकी है। मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए कहा कि संवेदनहीन हत्या जल्दी ही समाप्त हो जाएगी। युद्धोन्मादी मुनाफाखोरों के लिए खराब समय आ गया है। इस बीच, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि ट्रम्प के दावे कि वह यूक्रेन में संघर्ष को जल्दी से हल कर सकते हैं।
इन तमाम दावों और कथित योजनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कैसे ट्रंप ढ़ाई साल से जारी इस युद्ध को समाप्त कर पाएंगे। ट्रंप लगातार इस संघर्ष को लेकर कहते रहे हैं कि वह केवल 24 घंटों में इसे खत्म कर सकते हैं।
अपने एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि मैं जेलेंस्की से बात करूंगा, पुतिन से बात करूंगा और उन्हें समझौता करने के लिए तैयार करूंगा। अगर यूक्रेन या रूस नहीं मानते तो हम उन्हें समझाएंगे कि हम उन्हें वो देने वाले हैं जो उनके पास पहले था ही नहीं। ट्रंप के इस बयान को कीव के सांसदों ने चुनावी बयानवाजी कहकर खारिज कर दिया था।
अब जबकि ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित हो चुके हैं तो ऐसे समय में यूक्रेन की चिंता बढ़ गई है। बाइडन के नेतृत्व में अमेरिका यूक्रेन का पूरी तरफ से समर्थन कर रहा था लेकिन ट्रंप कई बार इसका विरोध कर चुके हैं। इस बात की आशंका से भी इंतजार नहीं किया जा सकता कि ट्रंप यूक्रेन की सहायता को रोककर उसे प्रतिकूल शर्तों पर शांति समझौते के लिए मजबूर कर सकते हैं।