अदाणी पावर प्लांट विरोध
लेख:
रायगढ़ में अदाणी पावर प्लांट में मजदूरों का हंगामा: ओवरटाईम और बकाया वेतन को लेकर तनाव
रायगढ़ जिले में अदाणी पावर प्लांट के कर्मियों और श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार सुबह से ही पुसौर के बड़े भंडार क्षेत्र में कर्मचारियों ने मुख्य द्वार पर जमा होकर नारेबाजी की। इस विरोध का कारण ओवरटाईम और बकाया वेतन है, जिसे लेकर श्रमिकों में गुस्सा है। उनका कहना है कि उन्हें निर्धारित घंटों से अधिक काम कराया जा रहा है, लेकिन ओवरटाईम के रूप में कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, कई महीनों से वेतन में देरी हो रही है, जिससे उनका जीवन यापन मुश्किल हो गया है।
मजदूरों का आरोप और प्रमुख समस्याएं:
- ओवरटाईम का भुगतान नहीं: श्रमिकों का कहना है कि उन्हें 12 से 14 घंटे तक काम करने के बावजूद ओवरटाईम का भुगतान नहीं मिल रहा है।
- वेतन में देरी: कई महीनों से कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति संकट में आ गई है।
- सुरक्षा मानकों का उल्लंघन: कुछ श्रमिकों ने कार्यस्थल पर सुविधाओं की कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात भी उठाई।
प्रशासनिक कार्रवाई और समझौता:
इस हंगामे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। एसडीएम महेश शर्मा ने कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बातचीत कराई। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि कंपनी 25 मार्च तक वेतन का भुगतान और ओवरटाईम के मुद्दे पर समाधान निकालेगी। इसके बाद श्रमिकों ने अपना आंदोलन समाप्त किया, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की जातीं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।
अदाणी समूह के खिलाफ बढ़ते विवाद:
रायगढ़ में अदाणी समूह के साथ विवादों की लंबी सूची बनती जा रही है। इस विरोध प्रदर्शन से पहले, अदाणी समूह की रेल लाइन को लेकर भी स्थानीय ग्रामीणों का विरोध जारी है। साथ ही, तमनार के मुड़ागांव में अदाणी के कर्मचारियों द्वारा जंगलों का सफाया करने और ग्रामीणों का दमन करने का आरोप भी लगा है। एसईसीएल के तमनार में प्रस्तावित कोल माइन का एमडीओ लेने के बाद भी ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा है।
क्या कहते हैं एसडीएम महेश शर्मा?
एसडीएम महेश शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम पर कहा, “हमने कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बातचीत करवाई। दोनों पक्षों ने 25 मार्च तक मामले को सुलझाने का वादा किया है। इसके बाद यदि समाधान नहीं निकलता है, तो हम फिर से स्थिति का आकलन करेंगे।”