‘आपका एक डिस्क्लेमर ट्रंप की खबर के ठीक नीचे…’, NCP सिंबल विवाद पर SC जज ने ली चुटकी

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (दोनों गुटों) में घड़ी को लेकर खींचतान जारी है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने शरद चंद्र पवार बनाम अजित पवार वाली अर्जी पर सुनवाई होनी है. इससे पहले अजित पवार ने सुप्रीम कोर्ट में अनुपालन हलफनामा दाखिल किया है.

अपने हलफनामे में अजित पवार ने बताया है कि उन्होंने समाचार पत्रों में स्पष्टीकरण प्रकाशित किया है. एनसीपी अजित पवार गुट ने 7 मराठी, 2 हिंदी और 2 अंग्रेजी पत्रों में स्पष्टीकरण प्रकाशित किया है.

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अजित पवार से कहा था कि इस आदेश का उल्लंघन न्यायालय की अवमानना ​​होगी. अदालत ने 36 घंटे का अल्टीमेटम भी जारी किया था. सुप्रीम कोर्ट ने अजित पवार से कहा था कि वे सूचित करें कि उन्हें आवंटित ‘घड़ी’ चुनाव निशान इस न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है.

कोर्ट ने कहा था कि एससी ने अजित पवार से कहा था कि वह यह भी सूचित करें कि उन्हें इस कार्यवाही के अंतिम परिणाम के अधीन इसका उपयोग करने की अनुमति दी गई है. ऐसी घोषणा चुनाव प्रचार अभियान से संबंधित प्रत्येक पैम्फलेट, विज्ञापन, ऑडियो या वीडियो क्लिप में भी शामिल की जाए.

दरअसल, शरद पवार गुट की ओर से शिकायत किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट का निर्देश था कि अजित पवार सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं.

बता दें कि NCP में विभाजन के बाद चुनाव आयोग ने इस साल की शुरुआत में पार्टी का चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को आवंटित किया था. अजित पवार 2023 में अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत कर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में शामिल हो गए थे. वहीं, लोकसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट ने शरद गुट को पार्टी के नाम के रूप में ‘राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार’ और चुनाव चिह्न ‘तुरहा’ का उपयोग करने की अनुमति दी थी. साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा था कि अजित गुट द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए शरद पवार के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

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