गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। देवभोग थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने एक वाहन से भारी मात्रा में गांजा जब्त किया है। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध तस्करी के काले कारोबार में एक मां और बेटा खुद शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
चेकपोस्ट के पास पकड़ा गया इको वाहन
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, देवभोग थाना पुलिस खुंटगांव चेकपोस्ट के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध हालत में आ रही एक इको वाहन (क्रमांक CG 25 N 8089) को रोका गया। वाहन की बारीकी से तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि उसमें छिपाकर ले जाया जा रहा 18 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
लाखों की अवैध सामग्री जब्त
पुलिस द्वारा जब्त किए गए इस गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 9 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की गई इको वाहन और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। कुल मिलाकर पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 12 लाख 5 हजार रुपये का माल जब्त किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
इस मामले में पुलिस ने जिन मां-बेटे को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान डिंडेश्वर पांडे (पिता नंद किशोर पांडे, उम्र 25 वर्ष, निवासी रतनपुर) और सीता पांडे (पत्नी नंद किशोर पांडे, निवासी कलमी तर रानी गांव) के रूप में हुई है।
तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच
शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि यह गांजा कहां से लाया गया था और छत्तीसगढ़ के किस हिस्से में इसकी डिलीवरी की जानी थी। इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।