डोंगरगढ़: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शक्तिपीठ डोंगरगढ़ में शारदीय नवरात्रि पर्व को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, पुलिस ने साफ कर दिया है कि पर्व के दौरान हुड़दंग या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हाल ही में, श्रद्धालुओं को परेशान करने वाले तीन मनचले युवकों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।
तेज रफ्तार और तेज हॉर्न से बढ़ा रहे थे परेशानी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नवरात्रि पर्व के दौरान पदयात्रियों और दर्शनार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। इसी निगरानी के दौरान, नुकेश यादव (निवासी आरी), आकाश ठाकुर (निवासी आरी) और हरपीत पटेल (निवासी झिटिया, थाना डोंगरगांव) एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर तेज रफ्तार में बाइक चला रहे थे और लगातार तेज हॉर्न बजाकर श्रद्धालुओं को डरा-धमका रहे थे।
जब रास्ते में मौजूद श्रद्धालुओं ने उन्हें ऐसा करने से मना किया, तो आरोपी उनसे विवाद करने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें समझाइश दी, तो वे और अधिक आक्रोशित होकर मारपीट पर उतारू हो गए, जिससे वहां अफरा-तफरी और अशांति का माहौल पैदा हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया और एसडीएम न्यायालय में पेश किया।
1200 जवानों का कड़ा पहरा, सीढ़ियों पर 24 घंटे तैनाती
एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि डोंगरगढ़ में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार लगभग 1200 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है।
- प्रमुख मार्ग: अंजोरा से लेकर डोंगरगढ़ तक के सभी मुख्य मार्गों और पदयात्री मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
- मंदिर परिसर: माँ बम्लेश्वरी मंदिर की सीढ़ियों पर चौबीसों घंटे (24×7) पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है ताकि पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को आवाजाही में कोई परेशानी न हो।
पुलिस प्रशासन का सख्त संदेश
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी/प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक सुमन जायसवाल तथा रामेश्वर प्रसाद देशमुख के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने साफ़ संदेश दिया है कि डोंगरगढ़ आने वाले हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा सर्वोपरि है।
लापरवाही से वाहन चलाने, हुड़दंग करने या धार्मिक स्थलों की शांति और अनुशासन को भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पुलिस का डंडा सख्ती से चलता रहेगा। डोंगरगढ़ प्रशासन ने सभी आगंतुकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे पर्व के दौरान शांति और भाईचारा बनाए रखें।