Takhatpur Farmer Death: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। धान की फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए खेत की रखवाली करने गए एक गरीब किसान की अवैध इलेक्ट्रिक फेंसिंग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने खेतों में बेखौफ तरीके से लगाए जा रहे जानलेवा बिजली के तारों और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खेत में मवेशियों के लिए लगाई गई फेंसिंग बनी काल
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक गंगाराम कोल ग्राम पेंड्री के रहने वाले थे और चनाडोंगरी में खेत की चौकीदारी (रखवाली) करने गए थे। रात करीब 7 बजे जब वे फसल की निगरानी कर रहे थे, तभी बगल के खेत में आवारा मवेशियों को रोकने के लिए खींचे गए नग्न विद्युत तार (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तेज था कि गंगाराम की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान पास ही मौजूद दूसरे किसान महेंद्र कौशिक ने जब आवाज दी और कोई जवाब नहीं मिला, तो वह खोजबीन करते हुए वहां पहुंचा। वहां पहुंचते ही महेंद्र को भी हल्का करंट लगा, जिसके बाद उसने संभलकर देखा तो गंगाराम जमीन पर अचेत पड़े थे और उनके पैरों में बिजली का तार लिपटा हुआ था। तुरंत इसकी सूचना कोटवार और तखतपुर पुलिस को दी गई।
पुलिस और प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है:
- रातभर खेत में पड़ा रहा शव: परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन शव को उठाने या सुरक्षित करने के बजाय वापस लौट गई, जिससे रातभर शव खेत में ही लावारिस हालत में पड़ा रहा। अगली सुबह पुलिस दोबारा पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की गई।
- अवैध कनेक्शन पर सवाल: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर खेतों में खुलेआम जानलेवा बिजली के तार किसने और कहां से अवैध कनेक्शन लेकर खींचे थे? बिजली विभाग और प्रशासन की लचर निगरानी के कारण यह हादसा हुआ।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक गंगाराम अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके अचानक निधन से पीछे उनकी पत्नी और तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
प्रारंभिक तौर पर गुड्डू उर्फ दिलहरन सूर्यवंशी के खेत में इस तरह की विद्युत फेंसिंग और अवैध कनेक्शन को लेकर चर्चाएं गर्म हैं, हालांकि पुलिस और बिजली विभाग की संयुक्त जांच के बाद ही आधिकारिक तौर पर पूरी सच्चाई और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।