दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से अंधविश्वास का एक बेहद डरावना और शर्मनाक मामला सामने आया है। जिले के गीदम थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले समलूर गांव में जादू-टोने के शक में कुछ लोगों ने मिलकर 65 वर्षीय एक बुजुर्ग की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

ऐसे हुआ सनसनीखेज वारदात का खुलासा
पुलिस के मुताबिक, उईकापारा के रहने वाले सुखराम सोढ़ी (65 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। जब शव की जांच की गई, तो उनके चेहरे, गाल, कान और माथे पर गंभीर चोट के कई निशान मिले थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। इसके बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो उसमें साफ हुआ कि बुजुर्ग की मौत शरीर पर लगी अंदरूनी और बाहरी गंभीर चोटों के कारण हुई है। रिपोर्ट आने के तुरंत बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया।

जादू-टोने का शक बना मौत की वजह
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि ग्रामीण इलाके में कुछ लोग सुखराम सोढ़ी पर जादू-टोना (ब्लैक मैजिक) करने का शक करते थे। इसी अंधविश्वास और पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने बुजुर्ग को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला।
कड़ी पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीन संदेहियों— धनीराम भोगामी उर्फ मोटू, बिनेश सोढ़ी उर्फ बीनू और मंगतू सोढ़ी— को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का पट्टा और अन्य अहम साक्ष्य भी बरामद कर लिए हैं।
न्यायालय में पेश कर भेजे गए जेल
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर सीधे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और इसमें शामिल अन्य संभावित चेहरों की भी गहराई से छानबीन कर रही है।