याद है वो ‘नीला ड्रम’? जिसमें सीमेंट से पैक कर दी थी लाश! अब कोर्ट ने सुना दिया सबसे बड़ा फैसला, रूह कंपा देने वाली सजा
मेरठ: देश को झकझोर कर रख देने वाला मेरठ का चर्चित ‘नीला ड्रम कांड’ (Neela Drum Murder Case) अब अपने सबसे बड़े और आखिरी अंजाम तक पहुंच चुका है। 16 महीने तक चले इस रोंगटे खड़े कर देने वाले ट्रायल के बाद अदालत ने जो फैसला सुनाया है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। कोर्ट ने पति सौरभ की बेरहमी से हत्या करने वाली उसकी बेवफा पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है।
क्या था पूरा मामला? (एक नजर में)
यह खौफनाक दास्तान साल 2014-15 के कॉलेज के प्यार से शुरू हुई थी। सौरभ ने मर्चेंट नेवी में कड़ी मेहनत कर अच्छी नौकरी हासिल की, मुस्कान से शादी की और एक बेटी का पिता बना। लेकिन जब सौरभ देश के लिए समंदर पार ड्यूटी पर रहता था, तब उसकी पत्नी मुस्कान की नजदीकियां उसके पुराने दोस्त साहिल शुक्ला से बढ़ गई।
जब दोनों के अवैध संबंधों में सौरभ ‘कांटा’ बनने लगा, तो इन दोनों ने मिलकर एक ऐसी खौफनाक साजिश रची, जिसे सुनकर आज भी लोगों का खून खौल उठता है।
3 मार्च की वह खौफनाक रात और ‘नीला ड्रम’
3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में जहर मिला दिया। जब वह बेहोश हो गया, तो दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हद तो तब पार हो गई जब हत्या के बाद दोनों ने सौरभ की लाश के पास ही रात बिताई और अगली सुबह उसके शरीर के टुकड़े कर एक बड़े नीले ड्रम में ठूंसकर ऊपर से सीमेंट भर दिया ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद दोनों बेखौफ होकर हिमाचल घूमने निकल गए।
कोर्ट का फौलादी फैसला: कोई रहम नहीं!
पुलिस की तेज कार्रवाई और 16 महीने के लंबे कोर्ट ट्रायल के बाद 30 सितंबर 2026 को अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था। अब 14 अक्टूबर 2026 को कोर्ट ने अपना अंतिम और सबसे कड़ा फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि ऐसे जघन्य अपराध और विश्वासघात के लिए समाज में कोई नरमी या रहम की गुंजाइश नहीं है। अदालत ने मुस्कान और साहिल दोनों को फांसी के फंदे पर लटकाने का फरमान जारी कर दिया है।
यह फैसला साबित करता है कि जुर्म चाहे कितना भी शातिराना क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ और इंसाफ का हंटर हर मुजरिम तक पहुंच ही जाता है।