कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र में एक अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। खेत के पास मिली महिला की लाश के मामले में पुलिस ने उसके ही पड़ोसी को गिरफ्तार किया है। हत्या की इस खौफनाक वारदात में पुलिस के डॉग स्क्वॉड के श्वान ‘बाघा’ ने कमाल का सुराग देते हुए मुख्य हत्यारे तक पहुंचने में सबसे अहम भूमिका निभाई। आरोपी ने सिर्फ इस बात से नाराज होकर महिला की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी क्योंकि वह उसकी पत्नी और भाभी को शराब पिलाती थी।
खेत के पास मिला था महिला का संदिग्ध शव
घटना 23 सितंबर की है। पसान थाना अंतर्गत ग्राम लैंगा के पास ग्राम लोकहड़ा में 24 वर्षीय सुखमनिया एक्का का शव एक खेत के नजदीक संदेहास्पद स्थिति में बरामद हुआ था। मृतका के सिर पर भारी पत्थर से वार किया गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
सूचना मिलते ही पसान थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेन्द्र यादव अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत ने भी घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। इसके बाद फोरेंसिक, साइबर और डॉग स्क्वॉड (Dog Squad) की टीमों ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना पत्थर भी जब्त किया था।
डॉग ‘बाघा’ ने दिखाया कमाल, 500 मीटर तक किया पीछा
चूंकि ग्राम लोकहड़ा एक वनांचल क्षेत्र है और छोटी पहाड़ियों के बीच बसा होने के कारण यहां तकनीकी व संचार साधनों (मोबाइल नेटवर्क आदि) की काफी कमी है, इसलिए पुलिस के लिए कातिल तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती था। ऐसे में पुलिस ने डॉग स्क्वॉड के स्पेशलिस्ट डॉग ‘बाघा’ को मैदान में उतारा।
घटनास्थल से सूंघकर सुराग तलाशते हुए बाघा ने ऊंचे-नीचे और पथरीले रास्तों से लगभग आधा किलोमीटर (500 मीटर) दौड़ लगाई और सीधे एक स्थानीय ग्रामीण के घर के अंदर जा घुसा। बाघा के इस इशारे पर पुलिस ने बिना देर किए उस घर में रहने वाले सहस राम को हिरासत में ले लिया।
पत्नी और भाभी को शराब पीने से था विवाद
शुरुआत में आरोपी सहस राम पुलिस को लगातार गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन पुलिस ने जब मनोवैज्ञानिक तरीके से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी सहस राम मिंज (38 वर्ष), निवासी ग्राम लोकहड़ा (उरांवपारा) ने बताया कि मृतका सुखमनिया एक्का उसकी पत्नी की अच्छी सहेली थी और दोनों के घर महज 50 मीटर की दूरी पर थे। सुखमनिया खुद तो शराब पीती ही थी, साथ ही आरोपी की पत्नी और उसके छोटे भाई की पत्नी को भी शराब पिलाने ले जाती थी।
इस तरह उतारा मौत के गाट
आरोपी ने कई बार सुखमनिया को अपनी पत्नी के साथ शराब पीने से मना किया था, लेकिन वह नहीं मानी। 22 सितंबर की शाम जब आरोपी बकरी चराकर वापस लौटा, तो उसने देखा कि उसकी पत्नी, बहू और सुखमनिया तीनों शराब के नशे में हुल्लड़ कर रही हैं।

इस बात से आग बबुला होकर आरोपी ने सुखमनिया को वहां से भगा दिया। जब सुखमनिया रात के वक्त अपने चाचा के घर जा रही थी, तो रास्ते में सुनसान जगह (मुडहीकुवां खेत के पास) आरोपी ने उसका पीछा किया और पत्थर से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
एसपी सिद्धार्थ तिवारी, एएसपी नीतिश ठाकुर और एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।