कोरबा में भालू का खूनी हमला: छोटे भाई की जान बचाने के लिए भालू से भिड़ गया 10 साल का मासूम, पत्थर मारकर भगाया

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के लेमरू वन परिक्षेत्र से एक बेहद साहसी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ जंगल में गुफा दिखाने के बहाने ले जाए गए दो सगे भाइयों पर एक भालू ने जानलेवा हमला कर दिया। 7 साल के छोटे भाई को बचाने के लिए 10 साल के बड़े भाई ने अपनी जान की परवाह न करते हुए भालू से मुकाबला किया और पत्थर से हमला कर उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इस घटना में दोनों बच्चे घायल हो गए हैं, वहीं छोटे भाई की हालत गंभीर बनी हुई है।

पैसे का लालच देकर गुफा दिखाने ले गए थे युवक

मिली जानकारी के अनुसार, छातीबाहर गांव में शहर से आए तीन युवक घूम रहे थे। इसी दौरान वे दोनों सगे भाइयों—10 वर्षीय मुकेश और 7 वर्षीय सोनू के संपर्क में आए। युवकों ने बच्चों को पहाड़ और गुफा दिखाने का झांसा दिया।

शुरुआत में बच्चों ने जाने से मना किया, लेकिन युवकों द्वारा पैसे का लालच दिए जाने पर वे उनकी कार में बैठकर गुफा देखने के लिए निकल पड़े। कार से कुछ दूर उतरने के बाद बच्चे आगे-आगे चल रहे थे और तीनों युवक उनके पीछे-पीछे आ रहे थे। तभी अचानक रास्ते में एक आक्रामक भालू उनके सामने आ गया।

बड़े भाई की बहादुरी से बची जान, कायरता दिखा भागे युवक

भालू ने सबसे पहले छोटे भाई सोनू पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से बच्चे बुरी तरह घबरा गए। अपने छोटे भाई को संकट में देख 10 साल के मुकेश ने अपनी जान की बाजी लगा दी। उसने बिना डरे भालू का सामना किया और जमीन से पत्थर उठाकर लगातार उस पर वार किए, जिससे भालू कुछ पीछे हटा।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि जैसे ही भालू ने बच्चों पर हमला किया, वे तीनों बाहरी युवक बच्चों की मदद करने के बजाय उल्टे पैर अपनी कार की तरफ भाग निकले।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कार में की तोड़फोड़

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और बच्चों के परिजन तुरंत मौके पर पहुँचे। बच्चों की यह हालत देखकर परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर मौजूद युवकों की कार में जमकर तोड़फोड़ कर दी।

परिजनों ने दोनों घायल बच्चों को तुरंत जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद 7 वर्षीय सोनू की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

वन विभाग की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही लेमरू वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर श्रवण कुमार अपनी टीम के साथ अस्पताल और घटनास्थल पर पहुँचे। वन विभाग की टीम ने स्थिति का जायजा लिया है और नियमों के तहत पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि प्रदान कर दी है। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहरी हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *