कौशाम्बी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: मलबे में तब्दील हुई फैक्ट्री, भीषण हादसे में 11 लोगों की दर्दनाक मौत; मुआवजे का ऐलान

कौशाम्बी:

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। प्रयागराज बॉर्डर से सटे महमूदपुर मनौरी (पियरी) गांव में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट होने से 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।

💥 दोपहर में हुआ खौफनाक धमाका

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ। धमाका इतना जबरदस्त था कि 800 वर्गफीट क्षेत्र में बनी पूरी पटाखा फैक्ट्री पलभर में मलबे में तब्दील होकर जमींदोज हो गई। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय फैक्ट्री के भीतर लगभग 20 मजदूर काम कर रहे थे।

धमाके की आवाज इतनी भयानक थी कि इसकी गूंज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। घटनास्थल से मनौरी एयरफोर्स स्टेशन महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

🚨 राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation)

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एयरफोर्स, पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) के करीब 200 जवान राहत और बचाव कार्य में जुट गए। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए मौके पर 10 बुलडोजर तैनात किए गए। विस्फोट के बाद भी पटाखों के कारण अंदर रुक-रुक कर छोटे धमाके होते रहे, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

💰 सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भीषण हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकार की तरफ से सहायता राशि का ऐलान किया गया है:

  • मृतकों के परिजनों को: 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता।
  • घायलों को: 50-50 हजार रुपये का मुआवजा।

🕯️ हादसे में जान गंवाने वाले मासूम और लोग

इस भीषण अग्निकांड और विस्फोट में कई मासूम बच्चों और वयस्कों की जान चली गई है, जिनकी सूची में ये नाम शामिल हैं:

  • प्रियांजलि (5 वर्ष)
  • प्रवीण सिंह (13 वर्ष)
  • जाह्नवी (12 वर्ष)
  • आदित्य (12 वर्ष)
  • रवि (8 वर्ष)
  • ज्ञान सिंह (40 वर्ष)
  • आदित्य (8 वर्ष)
  • अंजू (32 वर्ष)
  • विक्रम सरोज (35 वर्ष)
  • अंश (6 वर्ष)
  • नन्हा (4 वर्ष)

प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है कि आबादी के बीच यह पटाखा फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी।

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