रायपुर: राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उन पर एफआईआर दर्ज करने और एसआईआर (SIR) के मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर में एक बड़ा पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी दहन किया।
राजीव गांधी प्रतिमा से कलेक्ट्रेट तक मार्च
कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन पार्टी के देशव्यापी अभियान का हिस्सा है। रायपुर में आयोजित इस मार्च की शुरुआत तेलीबांधा या तयशुदा स्थल पर स्थित पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा के पास से हुई, जो कलेक्ट्रेट परिसर तक जाने के लिए निकला।
इस हाई-प्रोफाइल प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव भगत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत कई वरिष्ठ विधायक, पूर्व मंत्री और हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
घड़ी चौक पर पुलिस से हुई झूमाझटकी
कांग्रेस का यह पैदल मार्च जैसे ही राजधानी के प्रमुख घड़ी चौक के पास पहुंचा, वहां पहले से मुस्तैद पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक लिया।
इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और हल्की झूमाझटकी की स्थिति भी देखने को मिली। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
पीएम मोदी और CEC का पुतला दहन
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रहा है और मतदाता सूची व एसआईआर के मामलों में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा।