जांजगीर-चांपा/शिवरीनारायण: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के कारण महानदी उफान पर है। नदी के बढ़ते जलस्तर और तटीय इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त निर्देशों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। हालात का जायजा लेने के लिए जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय कुमार पांडेय खुद शिवरीनारायण पहुंचे, जहां उन्होंने बैराज, पुल और तटीय क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया।
शिवरीनारायण बैराज और राहत शिविर का जायजा
कलेक्टर और एसपी ने शिवरीनारायण बैराज, पुल के साथ-साथ महानदी के तटीय इलाकों का दौरा किया। इसके अलावा, उन्होंने महंत लालदास महाविद्यालय में बनाए गए विशेष राहत शिविर का भी निरीक्षण किया।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत शिविर में ठहरने वाले प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वच्छता और शौचालय जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह दुरुस्त रहनी चाहिए। अधिकारियों को आम जनता की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
महानदी पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद
नदी के तेज बहाव और लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से महानदी पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने पुल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि कोई भी व्यक्ति खतरे के दायरे में न जाए। लोगों को हिदायत दी गई है कि वे तेज बहाव वाले पानी के करीब बिल्कुल न जाएं और न ही सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम उठाएं।
स्वास्थ्य टीमें सक्रिय, तटीय इलाकों में मुनादी
प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमण और बीमारियों के खतरे को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं। लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है और जरूरी दवाइयां बांटी जा रही हैं।
इसके साथ ही, मुनादी (कोटवार या लाउडस्पीकर) के माध्यम से तटीय इलाकों के नागरिकों को लगातार सतर्क किया जा रहा है। राजस्व, पुलिस, नगर सेना और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।