रायपुर: नवा रायपुर के मेफेयर लेक रिजॉर्ट में भारत सरकार के खान मंत्रालय की ओर से ‘क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स’ की नीलामी की आठवीं किश्त पर एक विशेष रोड शो का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की अपार खनिज संपदा, वैज्ञानिक अन्वेषण और पारदर्शी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
65 खनिज ब्लॉकों की हो चुकी है नीलामी
खनिज विभाग के संचालक एवं सीएमडीसी के प्रबंध संचालक रजत बंसल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक कुल 65 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इन ब्लॉकों से लगभग 4 लाख करोड़ रुपए के संभावित राजस्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जो राज्य के आर्थिक विकास को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
पिछले वित्तीय वर्ष में मिला 16,700 करोड़ का राजस्व
अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान छत्तीसगढ़ को लगभग 16,700 करोड़ रुपए का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है। यह आंकड़ा निर्धारित लक्ष्य का करीब 98 प्रतिशत है। इसके अलावा, खनिज राजस्व में हर साल लगभग 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। पिछले ढाई वर्षों के भीतर राज्य में 40 नए एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं और 2,800 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र का जियोलॉजिकल सर्वे पूरा किया जा चुका है।
छत्तीसगढ़ में इन अमूल्य खनिजों की प्रचुर संभावनाएं
रजत बंसल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की माटी में लिथियम, ग्रेफाइट, वैनेडियम, गैलियम, गोल्ड, टंगस्टन, निकेल, क्रोमियम, कॉपर, लेड-जिंक और डायमंड जैसे बेशकीमती खनिजों का बड़ा भंडार मौजूद है। वर्तमान में कटघोरा क्षेत्र में लिथियम, बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम व गैलियम, तथा बस्तर के टिन बेल्ट में अन्वेषण और नीलामी की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
ड्रोन सर्वे से हो रही है सटीक निगरानी
खनिज सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए सरकार ने डिजिटल पहलों को बढ़ावा दिया है। ‘खनिज ऑनलाइन 2.0’, ‘डीएमएफ 2.0’ और ई-नीलामी जैसी प्रणालियों के साथ-साथ खदानों और माइनर मिनरल्स की सटीक निगरानी के लिए ड्रोन सर्वे का भी बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।
देश के रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों को मिल रही मजबूती
खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने कहा कि सरकार वैज्ञानिक अन्वेषण और पारदर्शी नीलामी के जरिए निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य खनिज क्षेत्रों को जल्द से जल्द उत्पादक खदानों में बदलना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।
वहीं, केंद्रीय खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने बताया कि आधुनिक युग में इलेक्ट्रिक वाहनों, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस और एयरोस्पेस के लिए क्रिटिकल मिनरल्स बेहद जरूरी हैं। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नीलामी प्रक्रिया के तहत अब तक देश भर में 56 ब्लॉक्स सफलतापूर्वक नीलाम किए जा चुके हैं। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि देश के पहले लिथियम ब्लॉक की नीलामी कटघोरा से हुई थी, और आठवीं किश्त के 20 में से 5 ब्लॉक अकेले छत्तीसगढ़ से संबंधित हैं।