रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘ज्ञानु और जानू’ वाले विवादास्पद वीडियो को लेकर राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की शिकायत के बाद रायपुर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। मामला दर्ज होते ही जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी कथित तौर पर गायब बताए जा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए सिविल लाइन पुलिस ने जोगी निवास पहुंचकर अमित जोगी के नाम से नोटिस चस्पा कर दिया है और उन्हें एक दिन के भीतर थाने में हाजिर होने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के मुखौटे पहने हुए दो पात्र नजर आ रहे थे। इस वीडियो में उनकी सांकेतिक शादी और बाद में ‘हनीमून’ के नाम से एक अन्य वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया था। इस आपत्तिजनक कंटेंट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और उनकी काफी आलोचना हुई।
पुलिस ने दर्ज की धाराएं
विवाद बढ़ता देख अमित जोगी ने विवादित पोस्ट को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली। उन्होंने लिखा था कि उनका इरादा गलत नहीं था, लेकिन संदेश देने का तरीका सही नहीं था।
हालांकि, इसके बावजूद भाजपा नेताओं की औपचारिक शिकायत पर सिविल लाइन थाने में बीएनएस (BNS) की धारा 196, 352, 353(2), 356(2) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा चस्पा किए गए नोटिस में कहा गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अमित जोगी से पूछताछ जरूरी है, इसलिए उन्हें तय समयसीमा के भीतर थाने में उपस्थित होना होगा।