धमतरी (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी वनांचल इलाके में पिछले कुछ दिनों से दहशत का पर्याय बन चुके खूंखार तेंदुए का आतंक आखिरकार खत्म हो गया है। लगातार दो दिनों तक ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ हमले कर 19 लोगों को घायल करने वाले इस आदमखोर तेंदुए को आखिरकार स्थानीय ग्रामीणों ने अक्लमंदी और सूझबूझ दिखाते हुए दबोच लिया। इसके बाद तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
दो दिनों में मचाया था हड़कंप
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 48 घंटों के दौरान नगरी वन क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में इस तेंदुए ने अचानक हमला बोलकर कुल 19 ग्रामीणों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घायलों में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस अप्रत्याशित वन्यजीव हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे थे।
ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी
लगातार बढ़ते हमलों से आहत और सतर्क आमागांव के ग्रामीणों ने एकजुट होकर तेंदुए का सामना करने की योजना बनाई। ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा का पूरा इंतजाम करते हुए अत्यंत सावधानी के साथ इस आदमखोर तेंदुए को घेर लिया और अंततः उसे पकड़ने में कामयाब रहे।
तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही गांव में राहत की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय वन विभाग और पुलिस प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर ले गई।
वन विभाग की अपील
वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना के बाद ग्रामीणों की बहादुरी की सराहना की है, साथ ही वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग का कहना है कि जंगली इलाकों में अकेले निकलने से बचें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखने पर तुरंत वन विभाग के अमले को सूचित करें।