नेपाल में चमत्कार: बाढ़ के 10 दिन बाद टनल से 2 जिंदा मजदूर बाहर, रेस्क्यू तेज

काठमांडू / नेपाल: पड़ोसी देश नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बीच एक ऐसा चमत्कार देखने को मिला है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। नेपाल में आए भयानक बाढ़ और फ्लैश फ्लड के पूरे 10 दिन बाद एक सुरंग के मलबे से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। इस घटना के बाद से राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों में नई उम्मीद जाग गई है, क्योंकि सुरंग के अंदर से अभी भी कुछ और लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।

त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला रसुवा जिले का है, जहां त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में बाढ़ का मलबा घुसने से कई लोग फंस गए थे। घटना के 9 से 10 दिन बीत जाने के बाद रेस्क्यू टीम ने चमत्कारिक रूप से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

बचाए गए दोनों कर्मचारियों की पहचान मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महार्जन के रूप में हुई है। रेस्क्यू टीमों ने पहले संजय साह और उसके बाद कबीर महार्जन को सकुशल बाहर निकाला।

अंदर से आ रही थीं आवाजें, सेना ने तेज किया ऑपरेशन

सुरंग के अंदर फंसे लोगों ने जब हिम्मत नहीं हारी और मदद के लिए आवाजें दीं, तो रेस्क्यू टीमों को उनके जिंदा होने की उम्मीद बंध गई। बचाव दल ने अंदर फंसे लोगों को ढांढस बंधाते हुए कहा, “घबराएं नहीं, हम आपको बचाने आए हैं।” इसके जवाब में जब अंदर से आवाजें आईं, तो नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल (APF) ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए ऑपरेशन को और तेज कर दिया।

12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के 900 से ज्यादा कर्मचारी थे लापता

बता दें कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड की वजह से त्रिशूली नदी के आसपास भारी तबाही मची थी। इस भीषण आपदा में हजारों लोगों के प्रभावित होने की खबर है। अकेले 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े 900 से अधिक कर्मचारी लापता बताए गए थे। अकेले रसुवा और नुवाकोट जिलों में करीब 500 कर्मचारियों के सुरंगों या अंडरग्राउंड हिस्सों में फंसे होने की आशंका जताई जा रही थी।

ऑक्सीजन कम होने की चुनौती, अभी भी जारी है तलाश

इतने लंबे समय तक सुरंग के भीतर फंसे रहने के कारण विशेषज्ञों ने अंदर ऑक्सीजन का स्तर कम होने को लेकर चिंता जताई है। इसके बावजूद, सुरंग के अंदर से लगातार आवाजें आने से रेस्क्यू टीमों और लापता लोगों के परिजनों की उम्मीदें जिंदा हैं। नेपाली सेना और बचाव दल अभी भी सुरंग के अंदर बाकी बचे लोगों की तलाश में पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *