बिलासपुर पुलिस के विशेष सत्यापन अभियान का बड़ा अपडेट: 15 दिन बाद 19 लोग डिटेंशन सेंटर से रिहा, 4 की जांच जारी

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में संदिग्ध दस्तावेजों और पहचान को लेकर चलाए गए पुलिस के विशेष सत्यापन अभियान (Special Verification Campaign) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस की जांच में संदेह के घेरे में आए 23 लोगों में से 19 लोग पूरी तरह भारतीय नागरिक साबित हुए हैं, जिन्हें 15 दिन की प्रक्रिया के बाद होल्डिंग डिटेंशन सेंटर से रिहा कर दिया गया है। वहीं, शेष 4 लोगों के दस्तावेजों की जांच अभी भी बारीकी से की जा रही है।

दो महीने तक चला था सघन सत्यापन अभियान

जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर पुलिस ने बाहरी राज्यों या अन्य जगहों से आकर यहां निवास कर रहे लोगों की पहचान और सुरक्षा के मद्देनजर पिछले दो महीनों तक एक विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान पुलिस ने जिलेभर में करीब 1162 लोगों के दस्तावेजों की जांच की।

इस बड़ी जांच प्रक्रिया के दौरान 23 ऐसे लोग मिले जिनके दस्तावेजों और पहचान को लेकर कुछ संदेह पैदा हुआ था। मामले की प्रामाणिकता जांचने के लिए इन सभी 23 लोगों को पिछले दिनों (4 सितंबर को) अंतिम सत्यापन के वास्ते रायपुर स्थित होल्डिंग डिटेंशन सेंटर भेजा गया था।

19 लोगों की नागरिकता साबित, मिली राहत

डिटेंशन सेंटर में भेजने के बाद पुलिस ने संबंधित राज्यों और थानों से संपर्क कर उनके पुराने रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों का मिलान किया। गहन पड़ताल के बाद इनमें से 19 लोगों के भारतीय नागरिक होने की पुष्टि पूरी तरह से हो गई। नागरिकता प्रमाणित होने के बाद कागजी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए इन सभी 19 लोगों को करीब 15 दिनों के भीतर डिटेंशन सेंटर से सुरक्षित रिहा कर दिया गया।

बाकी 4 लोगों के दस्तावेजों में विसंगतियां, जांच जारी

दूसरी ओर, इस मामले में अभी 4 लोग ऐसे हैं जिनके दस्तावेजों की जांच का सिलसिला जारी है। पुलिस अधिकारी उनके स्थानीय निवास प्रमाण पत्रों, पहचान पत्रों और अन्य आईडी का उनके मूल स्थानों से मिलान कर रहे हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स में इन चारों के दस्तावेजों में कुछ विसंगतियां (Discrepancies) मिलने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इन चारों के संबंध में कोई भी अंतिम निर्णय पूरी तरह से दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद ही लिया जाएगा।

डिप्टी सीएम अरुण साव का बयान: तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

इस पूरे मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया है कि पुलिस प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो भी ठोस तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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