महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। शासकीय हाई स्कूल अछोला में पदस्थ एक व्याख्याता को नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और स्कूल परिसर में शराबखोरी के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक ने इस संबंध में आधिकारिक निलंबन आदेश जारी कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
अछोला स्थित शासकीय हाई स्कूल में पदस्थ व्याख्याता जीवन प्रसाद देवांगन पर कक्षा 9वीं की एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने और विद्यालय परिसर के अंदर शराब का सेवन करने के गंभीर आरोप लगे थे। मामले की शुरुआती जांच में इन शिकायतों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।
आरोपी व्याख्याता के खिलाफ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
निलंबन आदेश के मुख्य बिंदु
- गिरफ्तारी और कार्रवाई: आरोपी व्याख्याता को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था।
- निलंबन का आधार: नियमानुसार 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत (जुडिशरी कस्टडी) में रहने के कारण विभाग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
- प्रभावी तिथि: यह निलंबन आदेश 10 अक्टूबर से ही प्रभावी माना गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय निर्धारित नियमों के तहत तय किया गया है।
