उत्तराखंड के देहरादून में हाल ही में हुई एक भयानक सड़क दुर्घटना में छह घरों के चिराग बुझ गए, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल है। हादसा उस वक्त हुआ था जब युवाओं की SUV सड़क पर मुड़ रहे एक कंटेनर में पीछे से जा घुसी। अब इस हादसे को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है कि मृतक जिस इनोवा वाहन में सवार थे उसे अक्टूबर महीने के आखिरी सप्ताह में धनतेरस पर मुहूर्त देखकर खरीदा गया था, और अभी तक उसका नंबर भी नहीं आया था।
यह हादसा मंगलवार तड़के शहर के ओएनजीसी चौक के पास हुआ था। इस हादसे में SUV में सवार तीन युवक और तीन युवतियों सहित कुल छह युवाओं की मौत हुई थी। सभी मृतकों की उम्र 19 से 24 साल के बीच थी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों में से दो के सिर धड़ से अलग हो गए थे, वहीं एक युवती का सिर कार की छत से फट गया था।
जिस वाहन में ये लोग सवार थे, उसके भी परखच्चे उड़ गए थे। एक्सीडेंट के बाद घटनास्थल पर जो हालात थे वे बहुत ही विचलित करने वाले थे। सड़क पर दूर-दूर तक मांस के लोथड़े, क्षत-विक्षत शव व खून बिखरा हुआ था। वहीं देखने वालों का दिल पसीज जा रहा था। हादसे के बाद पहुंची पुलिस ने भी वाहन और उसमें फंसे शवों को बहुत मुश्किल से बाहर निकाला था।
मृतकों की पहचान गुनीत (उम्र- 19 साल) पुत्री- तेज प्रकाश सिंह, कुणाल कुकरेजा (उम्र- 23 साल) पुत्र- जसवीर कुकरेजा, ऋषभ जैन (उम्र- 24 साल) पुत्र- तरुण जैन, नव्या गोयल (उम्र- 23 साल) पुत्री पल्लव गोयल, अतुल अग्रवाल (उम्र- 24 साल) पुत्र सुनील अग्रवाल, कामाक्षी सिंघल (उम्र- 20 साल) पुत्री तुषार सिंघल के रूप में हुई। कुणाल को छोड़कर अन्य सभी देहरादून के रहने वाले थे। कुणाल मूल रूप से हिमाचल प्रदेश का रहने वाला था। हादसे में सिद्धेश अग्रवाल (उम्र- 25 साल) पुत्र विपिन कुमार अग्रवाल घायल हो गया था और उसका इलाज सिनर्जी अस्पताल में चल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस वाहन से यह हादसा हुआ वह अतुल अग्रवाल का था, जिसे उसने धनतेरस पर ही खरीदा था। अतुल के पिता सुनील अग्रवाल पटाखों के बड़े व्यापारी हैं और अतुल उनके साथ ही कारोबार में हाथ बंटाता था। हादसे के वक्त वह अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए निकला था।
हादसे में जान गंवाने वाली कामाक्षी कॉलेज स्टूडेंट थी, जो बीकॉम कर रही थी साथ ही वह सीए की तैयारी भी कर रही थी। हादसे की रात उसने अपने पिता से कहा था कि वह अपनी दोस्त के घर रुकने जा रही है। इस हादसे में एकमात्र जीवित बचे सिद्धेश के पिता का कहना है कि दुर्घटना से पहले रात करीब 9 बजे उनकी अपने बेटे से बात हुई थी, जब वह दुकान बंद करने की तैयारी कर रहा था।
हादसे के बाद इस बारे में जानकारी देते हुए देहरादून एसएसपी ने बताया था कि हादसाग्रस्त वाहनों में से कंटेनर किशन नगर चौक की ओर से आ रहा था तथा इनोवा बल्लूपुर फ्लाईओवर की तरफ से देहरादून की ओर आ रही थी।
इसी दौरान किशन नगर चौक के पास कंटेनर की क्रासिंग के दौरान, इनोवा वाहन चालक स्पीड की वजह से अंदाजा नहीं लगा पाया और उसे लगा कि कंटेनर पूरा निकलने के बाद वे आराम से क्रॉस हो जाएंगे। इसी जल्दबाजी में इनोवा वाहन क्रॉसिंग के दौरान, कंटेनर के पिछले हिस्से में घुस गई। एसएसपी ने शुरुआती जांच में ओवरस्पीडिंग को उक्त हादसे की वजह बताया।