भारत-चीन सीमा पर क्या चल रहा? विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया हाल

भारत और चीन के बीच समझौते के बाद डिसइंगेजमेंट को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि डिसइंगेजमेंट का मतलब डिसइंगेजमेंट ही है। दोनों देशों में आगे की बातचीत होनी है। विदेश मंत्री ने संकेतों में बता एसएसी पर विवाद खत्म नहीं हुआ है लेकिन इसकी पहल जरूर हो गई है। जिन जगहों से सेना हटाए जाने की बात हुई थी वह काम पूरा हो गया है। इसके अलावा वैश्विक राजनीति और आर्थिक स्थिति को लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया भारत की ओर देख रही है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया में कई लोकतांत्रिक देशों की राजनीति अस्थिर है। एक बार सरकार चुनने के बाद वे दूसरी बार उसपर भरोसा नहीं जता पाते हैं। ऐसे में लोग भारत की ओर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में लोग वैश्वीकरण से खुश नहीं थे। वहीं चीन की बात करें तो उसे वैश्वीकरण से सबसे ज्यादा लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का डिलेमा कोई अनोखा नहीं है। अन्य देश भी उसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं।

विदेशमंत्री ने कहा मेक इन इंडिया मूवमेंट की वजह से दुनियाभर में डिफेंस सेक्टर में भारत का बोलबाला बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में महंगाई और इमिग्रेशन सबसे बड़ा मुद्दा था। एस जयशंकर ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में अमेरिका और ज्यादा आर्थिक रूप से जागरूक हो जाएगा। इसके अलावा ट्रंप के भी अन्य देशों के सहयोग की जरूरत है। क्योंक इस सयम तकनीक आर राष्ट्र की सुरक्षा साथ जुड़ी है। ऐसे में हर देश को सहयोगी की जरूरत होती है।

वहीं कार्यक्रम में अमेरिका के पूर्व सेक्रेटरी जॉन कैरी ने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे तनाव की वजह से बहुत कुछ अच्छा और बहुत कुछ बुरा हुआ है। अब इजरायलयों को भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। वहीं फिलिस्तीनियों के साथ भी विश्वास बनाना आसान काम नहीं है। बता दें कि हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने भी शिरकत की।

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