“जैव उर्वरक”
कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने उर्वरक की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, खेती को बढ़ावा देने के लिए नई पहल
रायपुर, छत्तीसगढ़ – कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। उन्होंने विशेष रूप से जैव उर्वरक, नील-हरित काई और हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इन कदमों का उद्देश्य न केवल रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करना है, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा और खेती की स्थिरता को भी बढ़ाना है।
बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले
- किसानों के पंजीकरण की प्रगति: श्रीमती निगार ने पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों के पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की और इसे जल्दी पूरा करने का निर्देश दिया।
- नई ई-वितरण प्रणाली: बीज और उर्वरक वितरण के लिए एक नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने की योजना बनाई गई, जिससे वितरण प्रक्रिया और पारदर्शी होगी और किसानों को सही समय पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई
- उर्वरकों की कालाबाजारी को लेकर श्रीमती निगार ने सभी जिलों को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उनकी प्रमुख चिंता रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी और डायवर्जन को लेकर थी, जो किसानों के लिए मुश्किलें पैदा करता है। जिलों में निगरानी कड़ी करने और त्वरित कार्रवाई की बात कही गई, ताकि उर्वरक सही कीमत पर किसानों को मिल सके।
खेती को बढ़ावा देने की नई दिशा
- सुगंधित धान का उत्पादन: श्रीमती निगार ने सुगंधित धान की प्रजातियों के उत्पादन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया, जो किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती हैं।
- दलहन और तिलहन फसलों का विस्तार: उन्होंने ग्रीष्मकालीन धान के रकबे में कमी कर दलहन और तिलहन फसलों का विस्तार करने की आवश्यकता बताई। यह फसलें न केवल किसानों को बेहतर मुनाफा दे सकती हैं, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में भी मदद करती हैं।
उद्यानिकी क्षेत्र में विस्तार
- श्रीमती निगार ने उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार पर जोर दिया। इन फसलों से किसानों को नई बाज़ारों तक पहुंच और अधिक लाभ मिल सकेगा।
किसानों के लिए समर्थन मूल्य
- समर्थन मूल्य पर खरीदी: किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए श्रीमती निगार ने उपार्जन समितियों को सुचारू रूप से संचालित करने पर विशेष ध्यान दिया। इसका उद्देश्य किसानों को न्यायपूर्ण मूल्य दिलाना और उन्हें कृषि के प्रति प्रोत्साहित करना है।
बैठक में शामिल अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता और विपणन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे। बैठक में रबी वर्ष 2025-26 के कार्यों और खरीफ सीजन 2026 की रणनीतियों पर चर्चा की गई।