अरुणाचल प्रदेश में तीनों सेनाएं दिखा रहीं दम, 10-18 नवंबर तक चलेगा संयुक्त सैन्य अभ्यास

भारत की तीनों सेनाएं इन दिनों अरुणाचल प्रदेश में अपना दमखम दिखा रही हैं. 10 से 18 नवंबर तक अरुणाचल प्रदेश के अग्रिम क्षेत्रों में ‘एक्स पूर्वी प्रहार’ नामक एक त्रि-सेवा अभ्यास चल रहा है. यह संयुक्त अभ्यास भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की युद्धक प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए आयोजित किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण पर्वतीय परिस्थितियों के लिए तैयार रहा जा सके. 

इस अभ्यास में भारत की आधुनिक युद्धक टेक्नोलॉजी और हथियारों का इस्तेमाल भी दिख रहा है. तीनों सेनाओं के एक साथ अभ्यास से कई मोर्चों पर मदद मिलती है. इस अभ्यास में उन्नत लड़ाकू विमान, निगरानी प्लेटफार्म, चिनूक और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (रुद्र) साथ ही M777 अल्ट्रा-लाइट होवित्ज़र का उपयोग किया जा रहा है. ये अत्याधुनिक उपकरण क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में जवानों के लिए काफी मददगार हैं.

इस संयुक्त अभ्यास का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें नई तकनीकों का समावेश किया गया है, जो सैन्य अभियानों के भविष्य को नया रूप दे रही हैं. सैनिक स्वॉर्म ड्रोन, फर्स्ट पर्सन व्यू (FPV) ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशन्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है. इससे सिचुएशनल अवेयरनेस, सटीक हमले और परिचालन लचीलापन को बड़े पैमाने पर मदद मिलेगी. 

यह अभ्यास तीनों सेनाओं द्वारा उन्नत तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल के लिए एक मंच तैयार करता है. इससे तीनों सेनाओं के बीच समन्वय भी काफी बेहतर होता है. कई आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के लिए भी यह संयुक्त अभ्यास जरूरी है. AI और सैटेलाइट संचार प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल के लिए यह काफी अहम है. जिससे कमांडरों को युद्धक्षेत्र का एक समग्र, रीयल-टाइम दृश्य मिलता है.

यह अभ्यास भारत के पूर्वी इलाके पर एक मजबूत और अनुकूलनीय रक्षा स्थिति बनाए रखने की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है. ऐसे अभ्यास का आयोजन करके भारतीय सशस्त्र बलों ने भूमि, वायु और समुद्र में अपनी क्षमता को और बढ़ाया है. भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना निरंतर सहयोग और नवाचार के जरिए सैन्य उत्कृष्टता में अग्रणी रहने के लिए कार्यरत हैं, ताकि राष्ट्र की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए यह हमेशा तैयार रहे.

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