अरुण देव गौतम DGP
छत्तीसगढ़ पुलिस की कमान अब अरुण देव गौतम के हाथों में है। राज्य सरकार ने शनिवार को आदेश जारी कर उन्हें पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर नियुक्त किया है। इससे पहले वे 14 महीने तक प्रभारी DGP के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट और UPSC की भूमिका
इस नियुक्ति से पहले मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी से जवाब-तलब किया था। यूपीएससी ने छत्तीसगढ़ सरकार से पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति पर नोटिस जारी किया और जवाब मांगा। इस प्रक्रिया के बाद राज्य सरकार ने आज औपचारिक आदेश जारी कर अरुण देव गौतम को DGP नियुक्त कर दिया।
करियर और अनुभव
1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मूल निवासी हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सबसे लंबे समय तक गृह सचिव के रूप में भी कार्य किया। उनके अनुभव और नेतृत्व कौशल के चलते उन्हें पहले प्रभारी DGP बनाया गया था।
पुरस्कार और सम्मान
अरुण देव गौतम को उनके उत्कृष्ट सेवा के लिए कई सम्मान भी मिल चुके हैं:
- 2002: संयुक्त राष्ट्र मेडल (कोसोवो)
- 2010: भारतीय पुलिस पदक
- 2018: राष्ट्रपति पुलिस पदक
इन पुरस्कारों से उनकी प्रोफेशनल क्षमता और नेतृत्व कौशल की पुष्टि होती है।
छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए उम्मीदें
अरुण देव गौतम की नियुक्ति से छत्तीसगढ़ पुलिस में स्थिरता और बेहतर प्रशासन की उम्मीद जताई जा रही है। उनके अनुभव और नीतिगत निर्णयों से पुलिस विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ने की संभावना है।