“डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली और 3 राज्यों से 120 करोड़ की 3 लाख ई-सिगरेट जब्त”

ई-सिगरेट तस्करी


नई दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक बड़ा तस्करी गिरोह पकड़ते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल से लगभग 3,00,000 ई-सिगरेट जब्त की हैं। इन ई-सिगरेटों का बाजार मूल्य करीब 120 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

डीआरआई की कार्रवाई

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, डीआरआई ने पिछले कुछ दिनों में बंदरगाहों, हवाई अड्डों और सूचना नियंत्रण केंद्र (ICD) पर अभियान चलाकर यह तस्करी पकड़ी।

  • खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई।
  • तस्करों ने सीमा शुल्क विभाग को चकमा देने के लिए गलत विवरण दिया।
  • विभिन्न ब्रांड, स्वाद और विशिष्टताओं की ई-सिगरेटें जब्त की गईं।

तस्करी की शैली

जाँच में पता चला कि ये ई-सिगरेट चीन से आयात की गई थीं

  • इन्हें “फर्नीचर” और “धातु की कुर्सी के पुर्जों” जैसी वस्तुओं में छिपाकर भेजा गया।
  • इस तरह के छल से उत्पादों को अवैध रूप से भारत में लाया जा रहा था।

कानूनी और स्वास्थ्य पहलू

देश में ई-सिगरेट और निकोटीन उत्पाद पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इसके पीछे मुख्य कारण है सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा

  • इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 के तहत इन उत्पादों का उत्पादन, आयात, बिक्री और वितरण कानूनन अपराध है।
  • डीआरआई ने इस कार्रवाई से यह संदेश दिया है कि स्वास्थ्य और कानून का उल्लंघन करने वाले तस्करों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

कार्रवाई का महत्व

इस कार्रवाई से कई अहम बिंदु सामने आए हैं:

  • अवैध तस्करी के गिरोहों की जड़ें कितनी गहरी हैं।
  • सरकार निगरानी और खुफिया जानकारी के जरिए ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।
  • इस तरह की कार्रवाई से कानून का पालन सुनिश्चित करना और लोगों को सुरक्षित रखना संभव होता है।

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