पीएम मोदी मैलोनी मुलाकात
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने हाल ही में एक विवादित बयान देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मैलोनी की मुलाकात को देखकर ऐसा लग रहा है कि दोनों नेता “हनीमून” मनाने गए हैं। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दिया है।
पीएम मोदी का इटली दौरा और मैलोनी से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में इटली दौरे पर गए थे। इस दौरान उनकी मुलाकात इटली की प्रधानमंत्री मैलोनी से हुई। दोनों नेताओं की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
- मैलोनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मोदी के साथ तस्वीरें साझा की।
- इसके साथ ही उन्होंने मेडोली चॉकलेट के साथ एक रील भी बनाई।
- सोशल मीडिया पर तस्वीरों और वीडियो के कारण कई मीम्स और चर्चाएं शुरू हो गईं।
इस मुलाकात को लेकर पहले भी इंटरनेट पर कई तरह की प्रतिक्रियाएँ आई थीं, लेकिन दीपक बैज के बयान के बाद यह राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
बैज का कमिश्नरी प्रणाली पर सवाल
सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि बैज ने कमिश्नरी प्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रायपुर में यह प्रणाली पूरी तरह फेल साबित हुई है, लेकिन सरकार अब इसे दुर्ग और बिलासपुर में लागू करने की सोच रही है।
बैज के अनुसार:
- रायपुर में अपराध की दर लगातार बढ़ रही है।
- भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक का फोन चोरी होने जैसी घटनाओं ने जनता का भरोसा कम किया।
- सरकार को पहले रायपुर मॉडल का आकलन करना चाहिए, उसके बाद ही दूसरे शहरों में इसे लागू करना चाहिए।
सोशल मीडिया और वायरल प्रभाव
प्रधानमंत्री मोदी और मैलोनी की तस्वीरों को लेकर इंटरनेट पर कई तरह के मीम्स और ट्रेंड्स बन चुके हैं।
- कुछ लोग इसे केवल राजनीतिक और औपचारिक मुलाकात मान रहे हैं।
- वहीं, बैज का बयान इसे एक व्यक्तिगत और हलके-फुल्के अंदाज़ में प्रस्तुत कर रहा है।