“जनजातीय उत्थान में बड़ा कदम: ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ से नक्सल मुक्त क्षेत्रों में होगा तेज़ विकास, मुख्यमंत्री ने लिया अहम निर्णय”

जनजातीय उत्थान

छत्तीसगढ़ में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास की दिशा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक
राजधानी रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बनाई है। उन्होंने विशेष रूप से नक्सल मुक्त क्षेत्रों में विकास को गति देने की दिशा में कई अहम निर्णय लिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि बस्तर क्षेत्र, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा है, लंबे समय तक विकास से वंचित रहा है। अब बस्तर में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का विस्तार हो रहा है और इस क्षेत्र में विकास की नई राह खुल रही है।

‘नियद नेल्ला नार 2.0’: विकास का नया मॉडल

मुख्यमंत्री श्री साय की घोषणा
मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता की सराहना करते हुए इसका उन्नत संस्करण “नियद नेल्ला नार 2.0” शीघ्र लागू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और सुधार किया जाएगा। यह कदम जनजातीय क्षेत्रों के निवासियों को आवश्यक संसाधन मुहैया कराने में मदद करेगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास के क्षेत्र में सुधार

विकास के हर पहलू पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के तहत प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर रहने की स्थिति तैयार हो रही है।

साथ ही, मुख्यमंत्री ने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि उनके लिए बेहतर शिक्षा मिल सके। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खुले में कक्षाएं संचालित न करने के लिए भी कड़े निर्देश दिए।

भूमि सुधार और जनजातीय भूमि के संरक्षण पर जोर

जनजातीय भूमि के संरक्षण की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दी जाने वाली योजनाओं की जांच करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने के प्रस्ताव को जल्द ही केंद्र सरकार को भेजने की बात कही। यह कदम इन समुदायों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

अम्बिकापुर नेशनल हाईवे निर्माण की गति में सुधार

मुख्यमंत्री ने अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

नक्सलवाद के खात्मे के बाद तेजी से हो रहे विकास कार्य

आदिम जाति विकास मंत्री का बयान
आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री और परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामविचार नेताम ने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के अन्य जनजातीय अंचलों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसने स्थानीय जनजातीय समुदाय को मुख्यधारा में जोड़ने के नए अवसर दिए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय से योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है, जिससे जनजातीय क्षेत्रों में विकास का मार्ग और भी खुल गया है।

अंत में, सबके लिए बेहतर भविष्य की ओर

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे संवेदनशील मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें और जनजातीय समुदाय के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करें।

उन्होंने यह भी कहा कि नए छात्रावासों के निर्माण से दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा, जिससे इन क्षेत्रों का सामाजिक और आर्थिक विकास हो सकेगा।

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