महामाया पहाड़ अवैध कब्जा कार्रवाई
महामाया पहाड़ रिजर्व फॉरेस्ट में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
अंबिकापुर। महामाया पहाड़ स्थित रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को अवैध अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की।
- डबरीपानी क्षेत्र के 54 लोगों को अंतिम नोटिस जारी किया गया था।
- गुरुवार रात वन विभाग की टीम ने इलाके में जाकर मकान खाली करने की घोषणा की और नोटिस चस्पा किए।
- शुक्रवार सुबह फॉरेस्ट एसडीओ श्वेता कम्बोज के नेतृत्व में वन अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और 20 अवैध मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया।
जिन अतिक्रमणकारियों को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिला, उन्हें फिलहाल कार्रवाई से अलग रखा गया।
पिछली नोटिस और कार्रवाई का इतिहास
- मार्च 2026 में महामाया पहाड़ के कक्ष क्रमांक 2581 और 2582 में अवैध कब्जों के लिए 157 लोगों को अंतिम बेदखली नोटिस जारी किया गया था।
- नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शिकायत की।
- इसके बाद कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में प्रशासन ने कार्रवाई तेज की।
अधिकारियों के बयान
- फॉरेस्ट एसडीओ श्वेता कम्बोज के अनुसार, चिन्हित 157 अतिक्रमणकारियों में महामाया पहाड़, नवागढ़ और डबरीपानी के लोग शामिल हैं।
- डबरीपानी के कुछ लोगों को हाईकोर्ट से स्टे मिलने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, जबकि शेष 20 अतिक्रमण हटाए गए।
- पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि अवैध कब्जे हटाना जरूरी है, लेकिन जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने भूमाफियाओं के साथ मिलकर जमीन पर कब्जा कराया, उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
- भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने कहा कि अंतिम नोटिस की अवधि खत्म होने के बावजूद वन विभाग ने कार्रवाई में देरी की। उन्होंने बताया कि रिजर्व फॉरेस्ट भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था।