कोयला घोटाला
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला घोटाला मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को हिरासत में लिया है।
बताया जा रहा है कि वैभव अग्रवाल से कोयला लेवी मामले से जुड़े तथ्यों को लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में पहले से ही रामगोपाल अग्रवाल और उनके बेटे वैभव अग्रवाल का नाम शामिल है।
फरार चल रहे रामगोपाल अग्रवाल, बेटे से पूछताछ जारी
जानकारी के अनुसार, कोयला घोटाला प्रकरण में रामगोपाल अग्रवाल अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। वहीं, उनके बेटे वैभव अग्रवाल को हिरासत में लेकर EOW की टीम मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारियों के आधार पर जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई कर सकती है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ की अवधि पूरी होने से पहले वैभव अग्रवाल को EOW की विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कही यह बात
कोयला घोटाला मामले में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इस प्रकरण में EOW समेत अन्य जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह मामला पुराना है और जिन लोगों के पास इससे संबंधित कोई जानकारी है, उन्हें जांच एजेंसियों के सामने जानकारी देनी चाहिए। अब वैभव अग्रवाल से पूछताछ के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, यह देखने वाली बात होगी।
540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का आरोप
छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन के दौरान प्रति टन कोयले पर 25 रुपये की अवैध वसूली किए जाने का आरोप है।
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार:
- कोयला परिवहन से जुड़ी ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया को कथित रूप से ऑफलाइन किया गया।
- इसके बाद कोयला ट्रांसपोर्टरों से प्रति टन 25 रुपये की लेवी वसूली का आरोप लगाया गया।
- इस पूरे मामले में करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का दावा जांच एजेंसियों की ओर से किया गया है।
जांच के केंद्र में कई नाम
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कथित सिंडिकेट में कई कारोबारी, अधिकारी और राजनीतिक संपर्क वाले लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
ईडी और EOW की जांच में कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और निलंबित उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित कई लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। एजेंसियां पूरे मामले में वित्तीय लेनदेन, भूमिका और कथित नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
आगे की कार्रवाई पर नजर
वैभव अग्रवाल की हिरासत के बाद अब जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। पूछताछ में सामने आने वाली जानकारियां इस बहुचर्चित मामले की जांच को नई दिशा दे सकती हैं।
कोयला घोटाला मामला पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब आने वाले दिनों में EOW की जांच और संभावित कार्रवाई से मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।