कांकेर में DMF फंड पर कलेक्टर सख्त! अधूरे और शुरू नहीं हुए कार्य होंगे निरस्त, पंचवर्षीय योजना बनाने के निर्देश

DMF फंड


उत्तर बस्तर कांकेर। जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (DMF फंड) से संचालित विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन निर्माण कार्यों की स्वीकृति के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है, उन्हें तत्काल निरस्त कर आवंटित राशि वापस जमा कराई जाए। उन्होंने भविष्य के विकास कार्यों को व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने के लिए पंचवर्षीय एवं वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास निधि प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों और निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

लंबित कार्यों पर जताई नाराजगी

बैठक में कलेक्टर ने विभागवार स्वीकृत निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान कई ऐसे कार्य सामने आए, जिनकी स्वीकृति के बावजूद अब तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया।

इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि केवल स्वीकृति देकर योजनाओं को लंबित रखना उचित नहीं है। ऐसे सभी कार्यों को निरस्त कर उनकी राशि वापस जमा कराई जाए, ताकि धनराशि का उपयोग अन्य आवश्यक विकास कार्यों में किया जा सके।

जिला पंचायत सीईओ को दिए निर्देश

कलेक्टर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हरेश मंडावी को निर्देशित किया कि सभी लंबित और अप्रारंभित परियोजनाओं की समीक्षा कर नियमानुसार उन्हें निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी करें।

उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे, इसके लिए विभागों को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

पंचवर्षीय और वार्षिक कार्ययोजना होगी तैयार

बैठक में आगामी वर्षों के विकास कार्यों को लेकर विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए पंचवर्षीय एवं वार्षिक निर्माण कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

DMF निधि के उपयोग की हुई समीक्षा

बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास निधि से स्वीकृत निर्माण एवं विकास कार्यों की वर्षवार और विभागवार समीक्षा की गई।

इस दौरान अधिकारियों ने आवंटित राशि के व्यय, निर्माण कार्यों की प्रगति और शेष कार्यों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। कलेक्टर ने समय-सीमा के भीतर सभी स्वीकृत कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया।

बैठक में इन विषयों पर हुई चर्चा

  • स्वीकृत निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति
  • अपूर्ण एवं लंबित परियोजनाओं की समीक्षा
  • विभागवार आवंटित राशि के उपयोग की स्थिति
  • पंचवर्षीय एवं वार्षिक कार्ययोजना का निर्माण
  • विभागों से प्राप्त नए विकास प्रस्तावों पर विचार

मुख्य बिंदु

  • जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (DMF) प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आयोजित।
  • कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने बैठक की अध्यक्षता की।
  • शुरू नहीं हुए कार्यों को निरस्त कर राशि वापस जमा कराने के निर्देश।
  • जिला पंचायत सीईओ को तत्काल कार्रवाई के आदेश।
  • पंचवर्षीय और वार्षिक विकास कार्ययोजना तैयार करने पर जोर।
  • विभागवार निर्माण कार्यों और व्यय की समीक्षा की गई।
  • जनहित के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश।

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