श्रीकाशी विश्वनाथ धाम
वाराणसी। सावन माह में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि सावन के दौरान काशी के स्थानीय निवासियों (काशीवासियों) के लिए अलग दर्शन व्यवस्था तैयार की जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक भीड़ और लंबी प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े।
काशीवासियों के लिए अलग दर्शन मार्ग बनाने के निर्देश
सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी पहुंचते हैं। इससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भीड़ हो जाती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय निवासियों के लिए अलग प्रवेश या दर्शन व्यवस्था तैयार की जाए। इसके लिए स्थानीय निवास प्रमाण के आधार पर विशेष व्यवस्था विकसित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ काशीवासियों की धार्मिक आस्था और दैनिक आवश्यकताओं का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सावन माह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
बैठक में प्रमुख रूप से निम्न विषयों पर चर्चा हुई—
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था
- भीड़ नियंत्रण की योजना
- यातायात प्रबंधन
- साफ-सफाई
- पेयजल एवं चिकित्सा सुविधाएं
- दर्शन व्यवस्था को और सुगम बनाना
सावन में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना
सावन माह भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। इस दौरान विशेषकर सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन हर वर्ष विशेष व्यवस्थाएं करता है। इस बार भी सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
अधिवक्ता ने उठाई थी काशीवासियों के लिए अलग व्यवस्था की मांग
काशीवासियों के लिए अलग दर्शन व्यवस्था की मांग पहले भी उठ चुकी है। अधिवक्ता अनघ शुक्ला ने मंदिर प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय नागरिकों के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।
ज्ञापन में कहा गया था कि सावन के दौरान बाहरी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण स्थानीय लोगों को भी दर्शन करने में कठिनाई होती है। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब अलग व्यवस्था की दिशा में काम कर रहा है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था होगी मजबूत
सावन के दौरान वाराणसी में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके तहत—
- अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
- बैरिकेडिंग
- पार्किंग की विशेष व्यवस्था
- ट्रैफिक डायवर्जन
- भीड़ नियंत्रण के लिए अलग योजना
जैसे इंतजाम किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी श्रद्धालु को अनावश्यक परेशानी न हो और सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में—
- स्वच्छता
- पेयजल
- चिकित्सा सुविधा
- विश्राम व्यवस्था
- सूचना एवं मार्गदर्शन
जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं बेहतर स्तर पर उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि वाराणसी आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सकारात्मक अनुभव लेकर लौटे, इसके लिए प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की तैयारियों की समीक्षा की।
- सावन में काशीवासियों के लिए अलग दर्शन व्यवस्था बनाने के निर्देश।
- सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण पर विशेष जोर।
- मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश।
- स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था पर प्रशासन करेगा काम।
- लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए व्यापक तैयारियां शुरू।