कॉकरोच जनता पार्टी
दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के X अकाउंट को तुरंत बहाल करने से किया मना
दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के सोशल मीडिया हैंडल X अकाउंट को तुरंत बहाल करने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि इस अकाउंट पर मौजूद कंटेंट कुछ आपत्तिजनक प्रतीत हो रहा है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने अकाउंट ब्लॉक होने के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाईकोर्ट का रुख
- बेंच ने अभिजीत दीपके को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
- अदालत ने कहा कि मामले पर पूरी तरह विचार किए बिना कोई आदेश नहीं दिया जा सकता।
- केंद्र सरकार और X (पूर्व में ट्विटर) का पक्ष सुनने के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा।
कोर्ट ने मांगा डिटेल एफिडेविट
अभिजीत दीपके के वकील अखिल सिब्बल ने अदालत से अनुरोध किया कि अकाउंट तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि आपत्तिजनक पोस्ट को अस्थायी रूप से ब्लॉक रखा जा सकता है। सिब्बल ने तर्क दिया कि इससे पहले ऐसे पांच मामलों में इसी तरह की अंतरिम राहत दी जा चुकी है।
कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और X से डिटेल एफिडेविट दाखिल करने को कहा है।
रिव्यू कमेटी में अवसर
हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 6 जुलाई तक टाल दी। अदालत ने दीपके को यह भी निर्देश दिया कि वह केंद्र की रिव्यू कमेटी के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं। रिव्यू कमेटी अकाउंट ब्लॉकिंग के मामले पर अपना फैसला सुनाएगी और कोर्ट को इसकी जानकारी देगी।
CJP की शुरुआत और विवाद
- 15 मई, 2026 को अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना की।
- यह कदम चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की टिप्पणियों के विवाद के बाद उठाया गया।
- CJP का मकसद युवाओं की आवाज को मजबूत करना और सरकार को जवाबदेह ठहराना है।
नया X हैंडल
- मूल CJP का X अकाउंट 21 मई को ब्लॉक किया गया था।
- इसके बाद पार्टी ने ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से नया हैंडल बनाया।
- इस नए अकाउंट के अब 2.27 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।
क्या आगे हो सकता है?
- अगली सुनवाई में कोर्ट रिव्यू कमेटी के फैसले के बाद निर्णय लेगी।
- CJP की याचिका का परिणाम सोशल मीडिया और राजनीतिक जगत में महत्वपूर्ण हो सकता है।
इस मामले ने सोशल मीडिया पर स्वतंत्र आवाज़ और सेंसरशिप की बहस को फिर से उभारा है। कॉकरोच जनता पार्टी का नया अकाउंट युवाओं के बीच काफी चर्चा में है और भविष्य में इसकी गतिविधियों पर सबकी नजर रहेगी।